बोरकुंडिया में मंडलम सेक्टर एवं BLA की बैठक में भाजपा सरकार पर साधा निशाना, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों, आदिवासियों के अधिकार और कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
SIR अभियान के तहत मतदाता सूची में नामों के सत्यापन का किया आह्वान, मीडिया से चर्चा में मतदाता सूची से नाम काटे जाने पर जताई चिंता
अलीराजपुर:- जोबट विधानसभा क्षेत्र की विधायक सेना महेश पटेल ने क्षेत्रीय दौरे के दौरान बरझर के तंबोलिया फलिया में लगभग 6 लाख रुपये की लागत से स्थापित विद्युत डीपी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। वहीं बोरकुंडिया में कांग्रेस मंडलम, सेक्टर एवं BLA पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर संगठन को मजबूत बनाने तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में विधायक ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, महंगाई, आदिवासियों के अधिकार, प्रदेश की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर अपनी बात रखी।
तीन साल से टूटी पाइपलाइन, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा पानी, विधायक ने मौके से कलेक्टर को लगाया फोन
बरझर के तंबोलिया फलिया में ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि पिछले तीन वर्षों से पेयजल पाइपलाइन टूटी हुई है। इसके कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है और ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने की बात भी रखी।
ग्रामीणों की परेशानी सुनकर विधायक ने मौके से ही कलेक्टर को फोन लगाया और समस्या से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों से पाइपलाइन टूटी पड़ी है और ग्रामीण पानी के लिए परेशान हैं। जब शहरों में पानी पहुंच रहा है तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पानी क्यों नहीं मिल रहा है? उन्होंने अधिकारियों से तत्काल पाइपलाइन दुरुस्त करवाकर पेयजल व्यवस्था सुचारू करने की मांग की। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि दो-तीन दिनों में समस्या के निराकरण के लिए पुनः प्रयास करेंगी और जरूरत पड़ने पर अपनी ओर से भी सहयोग करेंगी।
बोरकुंडिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित कर भाजपा सरकार पर साधा निशाना
इसके बाद बोरकुंडिया में आयोजित बैठक में विधायक सेना पटेल ने मंडलम, सेक्टर एवं BLA पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश का युवा बेरोजगारी से परेशान है। लाखों युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। परीक्षा देने के लिए आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को कटनी, दमोह और जबलपुर जैसे दूरस्थ शहरों में परीक्षा केंद्र दिए जाते हैं। ऐसे में गरीब परिवारों के बच्चों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाते थे। कांग्रेस के कार्यकाल में बने स्कूल, कॉलेज और संस्थान आज भी प्रदेश के विकास की पहचान हैं। आज युवाओं के पास मोबाइल है और वे सरकार के दावों तथा वास्तविकता को समझ रहे हैं। भाजपा के झूठे वादे अब जनता के सामने उजागर हो रहे हैं।
देवास, इंदौर और छिंदवाड़ा की घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा
विधायक ने देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों, इंदौर में दूषित पेयजल से लोगों की मौतों और छिंदवाड़ा में कथित रूप से दूषित दवाइयों के कारण बच्चों की मौतों का मुद्दा उठाते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने देवास में जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से लोगों और बच्चों की मौतों का मुद्दा उठाने वाले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का भी उल्लेख किया।
वहीं छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जनता को शुद्ध पेयजल, सुरक्षित दवाइयां और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान, युवा, महिलाएं और आम नागरिक सभी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
ढाई लाख बेटियों के लापता होने का विधानसभा में उठे सवाल का किया उल्लेख
विधायक ने कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया द्वारा विधानसभा में प्रदेश की लापता बेटियों को लेकर उठाए गए सवाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के जवाब में लगभग ढाई लाख बेटियों के लापता होने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में बेटियां कहां गईं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लिए बेहद चिंताजनक विषय है और सरकार को इस पर गंभीरता से जवाब देना चाहिए।
आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन की रक्षा जरूरी
विधायक ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान जल, जंगल और जमीन से है। कंपनियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनों पर खुदाई, बड़े-बड़े टावर और अन्य परियोजनाओं के कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन आदिवासी किसानों की सहमति और अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।
आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन की रक्षा जरूरी
विधायक ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान जल, जंगल और जमीन से है। कंपनियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनों पर खुदाई, बड़े-बड़े टावर और अन्य परियोजनाओं के कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन आदिवासी किसानों की सहमति और अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।
उन्होंने जंगलों की कटाई और पहाड़ों को नुकसान पहुंचाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ पेड़ को मां कहने की बात होती है, वहीं दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर पेड़ों और जंगलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। आदिवासी समाज के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी किसानों की जमीन और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हमेशा आवाज उठाती रहेगी।
महंगाई और विभिन्न करों के बोझ पर उठाए सवाल
विधायक ने भाजपा सरकार पर आम जनता पर विभिन्न करों का बोझ बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली, पानी, मकान और पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे करों से ग्रामीण और गरीब परिवार परेशान हैं। दूध, दही, फल, फूल और रोजमर्रा की जरूरतों पर करों का बोझ बढ़ने से व्यापारी और आम नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने किसानों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन किसानों के पास पांच-छह हेक्टेयर जमीन है, वे खेती की बढ़ती लागत और आर्थिक परेशानियों के बीच इतने सारे करों का बोझ कैसे उठाएंगे? उन्होंने कहा कि सरकार को जनता को राहत देने के बजाय उनकी परेशानियां बढ़ाने से बचना चाहिए।
मध्यप्रदेश पर पांच लाख करोड़ रुपये के कर्ज का मुद्दा उठाया
विधायक ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पर लगभग पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार कर्ज ले रही है, लेकिन युवाओं को रोजगार, किसानों को राहत और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पर्याप्त काम दिखाई नहीं दे रहा है।
कमलनाथ सरकार के विकास कार्यों का किया उल्लेख
अपने संबोधन में विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल में किसानों की कर्जमाफी, सिंचाई योजनाओं और नर्मदा जल को क्षेत्र तक पहुंचाने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जोबट विधानसभा क्षेत्र में डाबड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के कार्यों को भी आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस के समय शुरू हुए विकास कार्यों का श्रेय लेने का प्रयास करती है, जबकि नए विकास कार्यों को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। स्कूल और कॉलेज केवल उनके नाम बदलने से नहीं बनते, बल्कि शिक्षा संस्थानों का निर्माण और उनमें सुविधाएं उपलब्ध कराना वास्तविक विकास है।
जोबट में 64 सड़कों की स्वीकृति का किया उल्लेख
विधायक ने क्षेत्र में सड़क निर्माण के मुद्दे पर कहा कि जोबट विधानसभा क्षेत्र में 64 सड़कों की स्वीकृति के लिए प्रयास किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कम से कम 20 से 30 अतिरिक्त सड़कों की स्वीकृति देने की मांग भी रखी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
SIR को लेकर मंडलम, सेक्टर और BLA को दिए निर्देश
बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विशेष चर्चा हुई। विधायक सेना पटेल ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी देशभर में मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव, मजरे और फलियों में जाकर प्रत्येक मतदाता का नाम जांचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में जीवित व्यक्तियों को मृत दिखाने, नामों में गलतियां करने और पात्र मतदाताओं के नाम हटाने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवार की मतदाता सूची जांचें, नामों की वर्तनी, उम्र और अन्य विवरणों का मिलान करें तथा जिन पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके प्रमाण और दस्तावेज एकत्रित कर निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि कई बार नामों की वर्तनी में बदलाव कर मतदाताओं को परेशान किया जाता है। इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को मतदाता सूची की जांच गंभीरता से करनी होगी। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना लोकतंत्र में उसका अधिकार है।
मीडिया से चर्चा में मतदाता सूची से नाम काटे जाने का उठाया मुद्दा
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक सेना पटेल ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के निर्देशानुसार क्षेत्र में छोटी-छोटी बैठकें आयोजित कर मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें मतदाता क्षेत्र में मौजूद हैं, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
उन्होंने अपने बयान में देशभर में लगभग 13 करोड़, मध्यप्रदेश में 42 लाख और अलीराजपुर जिले में लगभग 14 हजार मतदाताओं के नाम कटने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसे सभी मामलों में प्रमाण एकत्रित कर निर्वाचन आयोग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए और किसी को भी उसके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कार्यक्रम का उल्लेख
विधायक ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस पार्टी के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस गरीबों, किसानों, मजदूरों, युवाओं और आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी। कार्यकर्ताओं को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि गांवों में जाकर जनता की समस्याएं सुननी हैं और उनके समाधान के लिए संघर्ष करना है।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरीशचंद्र भाबर, जिला उपाध्यक्ष लाइक सेख, सोनू वर्मा, मंडल अध्यक्ष दीपक भाबर, महेश मावी, सोमला बरिया, चिंटू, भावना मावी, नवल भगत, केवन मावी, रमेश डामोर, अभय सिंह, विशाल सहित विभिन्न मंडल अध्यक्ष, BLA पदाधिकारी एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विधायक ने अंत में कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीब, किसान, मजदूर और आम जनता के साथ खड़ी रही है। जनता के अधिकारों की रक्षा, क्षेत्र के विकास और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए कांग्रेस का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
