हमीरपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के कालपी चौराहे पर फल विक्रेता राजकुमार निषाद (40) की मौत के बाद पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि होने से मामला गरमा गया।
सोमवार को मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस दौरान दर्जनों महिलाएं भी धरने पर बैठ गईं, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
परिजनों ने जिला अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर को राजकुमार निषाद की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने फर्श पर गिरने से चोट लगने की बात बताते हुए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें कानपुर के उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया, जहां 18 अक्टूबर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया गया कि कानपुर में उपचार के दौरान कराए गए सीटी स्कैन में चिकित्सकों को शरीर में मेटैलिक पदार्थ होने की जानकारी मिली थी।
इसके बाद पैनल गठित कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गोली लगने की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली मिलने की बात सामने आने के बाद परिजनों ने घटना को लेकर सवाल उठाए और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मामले में अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना के संबंध में मृतक के परिजनों, जिला अस्पताल अथवा किसी अन्य व्यक्ति की ओर से स्थानीय थाने में गोली चलने या गोली लगने से घायल होने की सूचना नहीं दी गई थी। अब पुलिस मृतक के परिजनों से तहरीर प्राप्त कर मुकदमा दर्ज करने और नियमानुसार विधिक कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाया तथा कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया गया।
फिलहाल राजकुमार को गोली किन परिस्थितियों में लगी और घटना के पीछे क्या कारण रहे, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
