1230 पेटी बीयर पकड़ी, अब सप्लाई चेन की जांच की मांग… एसडीओपी के नाम ज्ञापन… वाहन मालिक, चालक, सप्लायर, बिचौलिये और ठेके के मैनेजर की भूमिका जांचने की मांग…
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मनावर-बाकानेर क्षेत्र में 30 सितंबर को बड़ी मात्रा में बीयर पकड़े जाने के मामले ने अब कई सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 1230 पेटी बीयर (14,760 लीटर) और वाहन सहित करीब 55 लाख रुपए की सामग्री जब्त किए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने मामले की जांच केवल वाहन और चालक तक सीमित नहीं रखने की मांग की है। इस संबंध में एसडीओपी मनावर को ज्ञापन सौंपकर शराब के स्रोत से लेकर गंतव्य तक पूरी सप्लाई चेन की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
*कहां से आई शराब, किसके इशारे पर हुई लोडिंग?*
ज्ञापन में सवाल उठाया गया कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लोड हुई और कहां ले जाई जा रही थी? शराब लोड कराने की व्यवस्था किसके माध्यम से हुई और वाहन का वास्तविक मालिक एवं उपयोगकर्ता कौन है, इसकी जांच की जाए। चालक से शराब के स्रोत, सप्लायर, गंतव्य और उससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में क्या पूछताछ हुई, इसकी भी जांच की मांग की गई है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि इतनी बड़ी खेप पकड़ी गई है तो इसके पीछे जुड़े सप्लायर, बिचौलिये और शराब प्राप्त करने वाले व्यक्ति तक जांच पहुंचना जरूरी है। ज्ञापन में संबंधित शराब ठेके के मैनेजर की भूमिका की जांच करने की भी मांग की गई है।
*कमलेश राठौर की भूमिका की जांच की मांग*
ज्ञापन में प्रकाशित समाचारों में कमलेश राठौर की भूमिका को लेकर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी नहीं माना जाए, लेकिन यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
*आबकारी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में हो*
ज्ञापन में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। मांग की गई कि यदि आबकारी अधिकारी गांवों में कार्रवाई या निरीक्षण के दौरान शराब ठेके से जुड़े लोगों को साथ लेकर जाते हैं तो उनकी मौजूदगी का आधिकारिक आधार और भूमिका स्पष्ट की जाए। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों, ठेकेदार पक्ष, मैनेजर अथवा अन्य संबंधित व्यक्तियों के बीच संपर्क की भी जांच की जाए।
*बस स्टैंड की शराब दुकान हटाने की मांग*
ज्ञापन में मनावर बस स्टैंड से लगी शराब दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग भी उठाई गई। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बस स्टैंड से कॉलेज जाने वाली छात्राएं और अन्य विद्यार्थी आवागमन करते हैं। शराब दुकान के आसपास शराब सेवन किए जाने से विद्यार्थियों में असुरक्षा एवं भय का वातावरण बनता है। ऐसे में जनहित और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
*दोषी मिले तो हो कार्रवाई, वरिष्ठ स्तर से जांच की मांग*
ज्ञापन में मांग की गई कि वाहन, वाहन मालिक और चालक की पूरी जांच के साथ शराब के स्रोत, सप्लायर, बिचौलिये, प्राप्तकर्ता, ठेके के मैनेजर तथा संबंधित आबकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाए। चालक को पूछताछ के बाद छोड़े जाने के कारण और उससे की गई पूछताछ की जानकारी भी जांच में शामिल की जाए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं राजू एम.सोलंकी, पवन मंडलोई, राजेन्द्र चौहान, राकेश, दिपक, विशाल, संजू, पंकज, अमित, बबलू ने कहा कि मांग किसी व्यक्ति को पहले से दोषी ठहराने की नहीं, बल्कि पूरी सच्चाई सामने लाने की है। जांच में यदि किसी व्यक्ति, अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार या मैनेजर की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। आवश्यकता होने पर मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कराने की मांग की गई है।
