मौदहा (हमीरपुर)। पिपरौंदा, पाटनपुर, रूहारी, सायर, भरसवां सहित आसपास के गांवों के किसानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बंधी का पानी निकालने की मांग की।
किसानों का कहना है कि अंग्रेजी शासनकाल में बनाई गई बंधी इस समय पानी से पूरी तरह लबालब भरी है, जिससे करीब चार हजार एकड़ भूमि का रकबा जलभराव की चपेट में है। किसानों ने बताया कि जलभराव के कारण उनकी खरीफ की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।
अब रबी की फसल की बुवाई का समय है। यदि बंधी का पानी समय रहते नहीं निकाला गया तो खेतों में नमी और जलभराव के चलते रबी की फसल की बुवाई भी नहीं हो सकेगी, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
ज्ञापन में किसानों ने बंधी के फाटक तत्काल खुलवाकर पानी की निकासी कराने, निकासी वाले नाले की सफाई कराने तथा नाले पर किए गए अतिक्रमण को हटवाने की मांग की। किसानों का आरोप है कि कुछ अराजकतत्वों ने निकासी मार्ग पर अतिक्रमण कर रखा है, जिसके कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है।
किसानों ने जिलाधिकारी से मौके का निरीक्षण कराकर जल निकासी की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने और अतिक्रमण हटवाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में संतराम कुशवाहा, दीवान सिंह, बऊआ पाल, विजय शंकर, किशोरी, अमर सिंह, ज्ञानचंद द्विवेदी, संतोष तिवारी, संत कुमार तिवारी, शंकर तिवारी सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
