अखंड भारत न्यूज एजेंसी रिपोर्टर होशियार सिंह कोसली-बाबा मुक्तेश्वरपुरी मठ-मंदिर परिसर में प्राचीन तपोभूमि, चेतन धूने और धार्मिक धरोहर से कथित छेड़छाड़ का मामला अब विजिलेंस जांच की मांग तक पहुंच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मठ परिसर में JCB से खुदाई कर पवित्र चेतन धूने तथा हजारों वर्ष पुराने वटवृक्ष सहित प्राचीन धरोहर को नुकसान पहुंचाया गया है।
ग्रामीण इसे ऐसी घटना की तीसरी कड़ी बता रहे हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
उनका कहना है कि मठ की प्राचीन धार्मिक पहचान से जुड़े स्थानों पर इस तरह की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच के लिए माननीय DGP विजिलेंस को शिकायत भेजकर विजिलेंस शाखा से जांच करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक, 23 सितंबर 2018 को भी बाबा शिवपुरी पर मठ कमेटी के कुछ सदस्यों के साथ मिलीभगत कर प्राचीन तपोभूमि और चेतन धूने को खंडित करने के आरोप लगे थे। उस समय ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए उन्हें मठ से बाहर कर दिया था।
वर्ष 2018 में प्रकाशित अखबार की फोटो भी इस घटना के संदर्भ में ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान में फिर JCB से खुदाई कर प्राचीन चेतन धूने और धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाया गया है।
इससे गांव के साथ-साथ क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भी आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले का जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि अभी तक SDM साहब द्वारा बाबा शिवपुरी तथा मठ कमेटी/ट्रस्ट के कथित मास्टर माइंड संजय कुमार और सरपंच रामकिशन जांगड़ा के खिलाफ लिखित रूप से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है।
गौरतलब है कि उपायुक्त रेवाड़ी ने 9 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर कोसली मठ-मंदिर की चल-अचल संपत्ति की देखरेख के लिए SDM कोसली को प्रशासक नियुक्त किया था। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासक की जिम्मेदारी के बावजूद मठ परिसर में प्राचीन धार्मिक धरोहर से जुड़े कार्यों को लेकर सवाल उठना गंभीर विषय है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मठ-मंदिर की प्राचीन धरोहर और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों के अनुसार, अभी तक माननीय SDM/प्रशासक मठ श्री विजय कुमार यादव की ओर से कथित दोषियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, जिसको लेकर ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।
