डिण्डौरी स्वामित्व अधिकार अभिलेख पंजीयन एवं निष्पादन योजना के कार्यों में धीमी प्रगति और लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा योजना की समीक्षा बैठक में शाहपुरा, बजाग एवं डिंडौरी तहसील में पटवारीवार प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई पटवारियों की प्रगति शून्य अथवा अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पटवारियों को कार्य में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया गया कि स्वामित्व योजना शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता वाली योजना है। इसके अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के स्वामित्व संबंधी अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए जाने हैं। ऐसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब को प्रशासन द्वारा गंभीरता से लिया जाएगा।
उपलब्ध पटवारीवार प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक पटवारी अपने क्षेत्र में दर्ज स्वामित्व प्लॉट एवं हितग्राहियों की स्थिति का परीक्षण करें और लंबित प्रकरणों में रजिस्ट्री, पटवारी सत्यापन, प्रकरण प्रस्तुत करने तथा अंतिम निष्पादन की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें।
बजाग, डिंडौरी एवं शाहपुरा तहसील के पटवारियों की प्रगति की होगी विशेष निगरानी
समीक्षा के दौरान बजाग तहसील के अंतर्गत आकाश कुमार पटेल, देवेंद्र सिंह गोंड, डिंपल मरावी एवं बबीता सहित संबंधित पटवारियों की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसी प्रकार डिंडौरी तहसील में अविनाश, दीपक प्रजापति, पुष्पराज मरावी एवं नीलमणि मरावी सहित संबंधित पटवारियों के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
शाहपुरा तहसील में अभिनय राजपूत, अजय सोहनिया, अक्षय कुमार बैगा एवं अमित कुमार महरा सहित संबंधित पटवारियों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया।
उपलब्ध प्रगति विवरण में जिन पटवारियों का निष्पादन शून्य अथवा अपेक्षाकृत कम पाया गया है, उन्हें लंबित कार्यों की तत्काल समीक्षा कर ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी समीक्षा में संबंधित पटवारियों की प्रगति की विशेष रूप से निगरानी की जाएगी।
अब केवल कार्य प्रारंभ करना पर्याप्त नहीं, परिणाम दिखाना होगा
कलेक्टर द्वारा स्पष्ट किया गया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत अब केवल कार्य प्रारंभ करने की जानकारी पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि रजिस्ट्री एवं अंतिम निष्पादन में वास्तविक प्रगति दिखाई देनी चाहिए। निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रगति नहीं आने पर संबंधित पटवारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि आगामी समीक्षा में संबंधित पटवारियों की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं पाया जाता है तो उनके विरुद्ध निलंबन सहित नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। कम प्रगति वाले पटवारियों से कारण सहित प्रतिवेदन प्राप्त करने तथा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि स्वामित्व योजना के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। पटवारी सत्यापन से लेकर प्रकरण प्रस्तुत करने एवं अंतिम निष्पादन तक प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी की जाएगी।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के स्वामित्व संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराना तथा अधिकार अभिलेख के आधार पर पंजीयन एवं निष्पादन की प्रक्रिया को सुचारु बनाना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
