डिंडोरी, 25 सितंबर 2026। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डिंडोरी में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर "एक समय, एक लय, एक स्वर – वंदे मातरम्" के तहत ऐतिहासिक सामूहिक गायन हुआ।
शुभारंभ मुख्य अतिथि महेश धूमकेती ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्था प्रधान देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी ने अतिथियों का परिचय कराया, प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार पाण्डेय ने तिलक-शाल से सम्मान किया।
मंच पर तिलक बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अशोक कुमार अवधिया, व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत, सह व्यवस्थापक श्रीमती नरबदिया मरकाम, समिति सदस्य श्रीमती ऋतुपर्णा बिलैया, राजेन्द्र परमार, संस्था प्रधान देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी, प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार पाण्डेय रहे।
व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत ने कहा – वंदे मातरम् की रचना 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की, यह केवल गीत नहीं भावना है। 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रगीत का दर्जा मिला।
अध्यक्ष अशोक अवधिया ने कहा – यह समर्पण का प्रतीक है, स्वदेशी अपनाओ का संकल्प लें।
मुख्य अतिथि महेश धूमकेती ने कहा – राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान ही देश का सम्मान है।
यह आयोजन विद्या भारती के देश भर के हजारों विद्यालयों में एक साथ हुआ, डिंडोरी में 800 लोगों की सहभागिता रही। आभार प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार पाण्डेय ने किया, मंच का सफल संचालन नारायन प्रसाद नंदा ने किया।
