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*दाढ़ी राम ग्राम सभा की बदहाल सड़क पर फूटा आक्रोश, ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ अनीश कुमार ओझा ने खोला मोर्चा* *पड़री बाजार से मां चंडिका धाम जाने वाले मार्ग की हालत खराब, स्कूली बच्चों

*मां चंडिका धाम का रास्ता बदहाल, श्मशान घाट तक पहुंचना भी मुश्किल* माता रानी के दरबार तक पहुंचने वाले मार्ग पर गड्ढों का साम्राज्य, भारी वाहनों के आवागमन से बढ़ी परेशानी ग्रामीणों…

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*मां चंडिका धाम का रास्ता बदहाल, श्मशान घाट तक पहुंचना भी मुश्किल*

माता रानी के दरबार तक पहुंचने वाले मार्ग पर गड्ढों का साम्राज्य, भारी वाहनों के आवागमन से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का सवाल

*आखिर कब होगी जांच, कब सुधरेगी सड़क और कब मिलेगी राहत*

जनपद मीरजापुर
मिर्जापुर के विकासखंड पहाड़ी क्षेत्र में पड़री बाजार से होते हुए बेलवन स्थित प्रसिद्ध मां चंडिका धाम तक जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाल स्थिति इन दिनों क्षेत्रीय जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। एक ओर यह सड़क हजारों श्रद्धालुओं को माता रानी के दरबार तक पहुंचाती है, वहीं दूसरी ओर इसी मार्ग से ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को श्मशान घाट तक भी जाना पड़ता है। ऐसे में सड़क की खराब हालत केवल आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और अंतिम संस्कार जैसी बेहद संवेदनशील आवश्यकता से जुड़ा गंभीर जनहित का मुद्दा बन गई है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी सड़क और भारी वाहनों के आवागमन के कारण राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी कठिन हो जाती है। सड़क के खराब हिस्सों में पानी भरने के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और दोपहिया वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
माता रानी के दरबार तक पहुंचने वाले रास्ते की हालत चिंताजनक
मां चंडिका धाम क्षेत्र के लोगों के लिए केवल एक सामान्य स्थान नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। दूर-दराज के गांवों से लोग माता रानी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए इस मार्ग से गुजरते हैं तो उन्हें सड़क की बदहाल स्थिति के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दोपहिया वाहनों से आने वाले श्रद्धालु विशेष रूप से परेशान होते हैं।
लोगों का कहना है कि जिस रास्ते से श्रद्धालु मां चंडिका के दरबार में आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं, उस रास्ते की ऐसी हालत होना चिंता का विषय है। ग्रामीणों की मांग है कि धार्मिक स्थल को जोड़ने वाले इस मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाए।
श्मशान घाट जाने वालों की परेशानी सबसे गंभीर
इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता है।
किसी परिवार में जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट की ओर जाते हैं। ऐसे दुखद समय में परिवार पहले ही मानसिक पीड़ा से गुजर रहा होता है। खराब सड़क और भारी वाहनों की वजह से रास्ते में अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़े तो स्थिति और भी कठिन हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतिम यात्रा के दौरान रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे और भारी वाहनों की आवाजाही से कई बार लोगों को रास्ता बनाने में परेशानी होती है। लोगों की मांग है कि कम से कम श्मशान घाट और मां चंडिका धाम जैसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाले मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।
जनता का कहना है कि सड़क की मरम्मत केवल विकास का काम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना से जुड़ा विषय है। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को खराब सड़क और भारी वाहनों के बीच रास्ता तलाशना न पड़े, इसके लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाना चाहिए।
ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार बेलवन क्षेत्र में संचालित कंपनियों से संबंधित भारी वाहनों के माध्यम से गिट्टी, बालू तथा अन्य निर्माण सामग्री का परिवहन किया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई भारी वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक सामग्री लेकर इस मार्ग से गुजरते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क पर दबाव बढ़ रहा है और पहले से खराब सड़क की स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
हालांकि ओवरलोडिंग तथा किसी वाहन द्वारा नियमों के उल्लंघन के आरोपों की आधिकारिक जांच आवश्यक है। जनता चाहती है कि परिवहन विभाग, पुलिस और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से मौके पर जांच करें और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का आरोप—जांच से क्यों कतरा रहे अधिकारी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सड़क की हालत इतनी खराब है और ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं तो संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का स्थलीय निरीक्षण क्यों नहीं कर रहे?
ग्रामीणों की मांग है कि अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति देखें। सड़क की गुणवत्ता, भारी वाहनों के संचालन, ओवरलोडिंग और सड़क को हुए नुकसान की जांच कराई जाए।
लोगों का कहना है कि केवल कागजों में समस्या का समाधान करने से काम नहीं चलेगा। अधिकारी मौके पर आएं, सड़क देखें, ग्रामीणों की बात सुनें और फिर ठोस कार्रवाई करें।
“किसी को रास्ता नहीं देते”—ग्रामीणों ने लगाया आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी वाहन चालक कई बार रास्ते में छोटे वाहनों और राहगीरों को पर्याप्त स्थान नहीं देते। ग्रामीणों के अनुसार इससे आम लोगों को किनारे होकर निकलना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों के संचालन और उनकी भार क्षमता की नियमित जांच की जाए। यदि कोई वाहन निर्धारित मानकों से अधिक भार लेकर चलता पाया जाए तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
सड़क खराब होने से सिर्फ एक गांव नहीं, पूरे क्षेत्र की जनता परेशान
यह मार्ग केवल किसी एक गांव के लोगों के आवागमन का माध्यम नहीं है। पड़री बाजार से जुड़े गांवों के लोग, बेलवन क्षेत्र के ग्रामीण, मां चंडिका धाम जाने वाले श्रद्धालु और श्मशान घाट जाने वाले परिवार इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
सड़क खराब होने के कारण किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और व्यापारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
दोपहिया वाहन चालकों का कहना है कि गड्ढों के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। वहीं पैदल चलने वालों को भारी वाहनों से बचते हुए सड़क पार करनी पड़ती है।
बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या
बरसात के समय सड़क की समस्या और गंभीर हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने के बाद सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वाहन चालकों को दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले समय में समस्या और बढ़ सकती है।
अनीश कुमार ओझा ने उठाई जनहित की आवाज
इस मामले को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी अनीश कुमार ओझा ने भी चिंता व्यक्त की है।
अनीश कुमार ओझा ने कहा कि मां चंडिका धाम जाने वाला मार्ग क्षेत्र की जनता और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क की खराब स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समस्या केवल मां चंडिका धाम तक जाने वाले श्रद्धालुओं की नहीं है, बल्कि इसी मार्ग से लोग श्मशान घाट तक भी जाते हैं। इसलिए इस सड़क की स्थिति को केवल सामान्य सड़क समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर सड़क की स्थलीय जांच, ओवरलोड वाहनों की जांच, सड़क की गुणवत्ता की जांच और आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत की व्यवस्था कराई जाए।
“मिर्जापुर की सड़कों की स्थिति पर भी हो व्यापक जांच”
अनीश कुमार ओझा ने मिर्जापुर जनपद के अन्य ग्रामीण मार्गों की स्थिति की भी जांच कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति को लेकर जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियादी आवश्यकता हैं। जब सड़क खराब होती है तो उसका प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, कृषि, रोजगार और आम जनजीवन पर पड़ता है।
जनता ने उठाए कई बड़े सवाल
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय जनता के सामने कई सवाल खड़े हैं—
मां चंडिका धाम जाने वाली सड़क की मरम्मत कब होगी?
श्मशान घाट तक जाने वाले मार्ग को सुरक्षित कब बनाया जाएगा?
भारी और ओवरलोड वाहनों की जांच कब होगी?
सड़क की खराब हालत के लिए जिम्मेदार कारणों की जांच कौन करेगा?
ग्रामीणों की शिकायतों पर संबंधित अधिकारी कब मौके पर पहुंचेंगे?
क्या सड़क की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों की जांच कराई जाएगी?
इन सवालों का जवाब अब जनता संबंधित विभाग और प्रशासन से चाहती है।
जनता की मांग—सिर्फ आश्वासन नहीं, जमीन पर दिखे काम
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहिए। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि सड़क ठीक हो, भारी वाहनों की जांच हो और आम जनता को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिले।
लोगों का कहना है कि माता रानी के दरबार तक जाने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते में परेशानी न हो और अंतिम यात्रा में शामिल परिवारों को श्मशान घाट तक पहुंचने में कठिनाई न उठानी पड़े, इसके लिए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ इस मामले को देखना चाहिए।
जनता का कहना है कि अधिकारी मौके पर आएं, सड़क की वास्तविक स्थिति देखें और समस्या का स्थायी समाधान कराएं।
अब निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर
मां चंडिका धाम मार्ग की बदहाली को लेकर उठी आवाज अब केवल सड़क की मरम्मत की मांग तक सीमित नहीं रह गई है। इसमें धार्मिक आस्था, जनसुरक्षा, अंतिम संस्कार की सुविधा और भारी वाहनों के नियमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे जुड़े हैं।
ऐसे में अब लोगों की निगाह जिला प्रशासन, संबंधित सड़क विभाग, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
जनता चाहती है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, शिकायतों की वास्तविकता सामने आए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मां चंडिका धाम की सड़क कब सुधरेगी? श्मशान घाट जाने वाले रास्ते को कब सुरक्षित बनाया जाएगा? ओवरलोड वाहनों पर कब लगेगी लगाम? इन सवालों का जवाब अब मिर्जापुर की जनता जिम्मेदार अधिकारियों से मांग रही है।