कोटपूतली-बहरोड़ में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की घोषणा एवं जिला परिषद कोटपूतली-बहरोड़ की आरक्षण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिला परिषद के वार्ड संख्या 22 को सामान्य (ओपन) किए जाने के बाद वरिष्ठ समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त राजकीय अधिकारी वैद्य बृज मोहन शर्मा ने भाजपा की ओर से वार्ड 22 से चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा की है।
पत्रकारों से रूबरू होते हुए शर्मा ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह चुनाव उनके लिए कोई कुर्सी पाने की लड़ाई नहीं है। यह कोटपूतली-बहरोड़ के नए भविष्य को गढ़ने की पहली सीढ़ी है। वार्ड 22 सिर्फ एक वार्ड नहीं, उनका अपना परिवार है। यहीं की मिट्टी में वे पले-बढ़े हैं, यहीं के लोगों के सुख-दुख में वे हमेशा खड़े रहे हैं।
उनका जीवन किसी परिचय का मोहताज नहीं है। छात्र जीवन में नीमूचाना स्कूल की छात्र संसद के स्पीकर से लेकर आपातकाल जैसे कठिन दौर में लोकतंत्र के लिए निर्भीक आवाज बनने तक, संगठन के एक समर्पित सिपाही से लेकर राजस्थान सरकार में 37 साल 11 महीने और 21 दिन की बेदाग और सम्मानित राजकीय सेवा तक का उनका सफर संघर्ष और सेवा का जीवंत उदाहरण है। आयुर्वेद विभाग में तीन बार राज्य स्तरीय सम्मान और कर्मचारी महासंघ में 27 साल तक प्रदेश के कर्मचारियों की आवाज बनकर वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष और महामंत्री जैसे पदों को सुशोभित करना उनकी कर्मठता का प्रमाण है।
अब जब सरकारी सेवा की पारी पूरी हो चुकी है तो वैद्य बृज मोहन शर्मा ने जीवन की दूसरी पारी पूरी तरह से जनता के नाम कर दी है। उनका कहना है कि अब तक उन्होंने सिस्टम के अंदर रहकर सेवा की, अब जनता के बीच रहकर जनता की सेवा करेंगे।
अपने विजन को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास अनुभवों का खजाना है, प्रशासन को समझने की दृष्टि है और आम आदमी के दर्द को महसूस करने वाला दिल है। इसी अनुभव को वे वार्ड 22 की हर गली, हर ढाणी के विकास और पूरे कोटपूतली-बहरोड़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में लगाएंगे।
अपनी बात को एक ही पंक्ति में समेटते हुए उन्होंने कहा कि एक पद नहीं, एक जिम्मेदारी है और एक चुनाव नहीं, जनसेवा की नई शुरुआत है। 22 से शुरुआत जरूर होगी, लेकिन सोच पूरे कोटपूतली-बहरोड़ के विकास की होगी।
