हमीरपुर। जिलाधिकारी हमीरपुर श्री अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर राजस्व वसूली एवं प्रवर्तन से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष की गई राजस्व वसूली की विभागवार समीक्षा करते हुए प्रगति की स्थिति का जायजा लिया गया।
समीक्षा के दौरान जिन विभागों की कर-करेत्तर राजस्व वसूली अपेक्षित स्तर से कम पाई गई, उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित विभाग निर्धारित राजस्व लक्ष्य की नियमित समीक्षा करते हुए प्रभावी वसूली की कार्ययोजना बनाएं तथा लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें। जिन विभागों की वसूली संतोषजनक है, उन्हें भी वर्तमान प्रगति को बनाए रखते हुए अपेक्षित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत राजस्व संग्रह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कर-करेत्तर राजस्व वसूली एवं प्रवर्तन से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आबकारी, खनिज, परिवहन, राजस्व, वन विभाग, निबंधन एवं स्टांप, बाट-माप, प्रदूषण नियंत्रण, अग्निशमन, मंडी, खाद्य एवं विपणन, खाद्य सुरक्षा तथा श्रम प्रवर्तन आदि विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व वसूली से जुड़े लंबित प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए बकाया राजस्व की वसूली में तेजी लाई जाए तथा प्रवर्तन कार्यों को भी नियमित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वसूली में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा, बकाया राजस्व की प्रभावी वसूली, प्रवर्तन कार्यों में तेजी तथा राजस्व संग्रह में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विभागवार कार्ययोजना के अनुसार प्रगति बढ़ाने तथा निर्धारित अवधि में लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही ऐसे प्रकरणों, जिनमें लंबे समय से राजस्व की वसूली लंबित है, को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री राकेश कुमार, समस्त उपजिलाधिकारीगण, उपायुक्त राज्यकर सहित आबकारी, खनिज, परिवहन, राजस्व, वन, निबंधन एवं स्टांप, बाट-माप, प्रदूषण नियंत्रण, अग्निशमन, मंडी, खाद्य एवं विपणन, खाद्य सुरक्षा, श्रम प्रवर्तन आदि से संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
