*पत्रकार प्रेम गुप्ता के छोटे भाई गोरखनाथ गुप्ता के निधन से मीरजापुर में शोक की लहर*
*मां चंडिका धाम के श्मशान घाट पर उमड़ा पत्रकारों और शुभचिंतकों का स्नेह, नम आंखों से दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि*
*वरिष्ठ पत्रकार अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ सहित पत्रकार साथियों ने अंतिम संस्कार में पहुंचकर शोकाकुल परिवार को बंधाया ढांढस, कहा—गोरखनाथ गुप्ता का सरल स्वभाव और सहयोग की भावना हमेशा रहेगी याद*
*जनपद मीरजापुर से ब्यूरो चीफ एडिटर प्रेमनाथ सिंह के साथ सहायक ब्यूरो चीफ अजय कुमार मौर्या की खास रिपोर्ट*
*जनपद मीरजापुर*
मीरजापुर, उत्तर प्रदेश। जनपद मीरजापुर के विकासखंड पहाड़ी क्षेत्र के पड़री ग्रामसभा निवासी तथा हिन्द लाइव 24 न्यूज चैनल के मीरजापुर ब्यूरो चीफ पत्रकार प्रेम गुप्ता के छोटे भाई गोरखनाथ गुप्ता के निधन की दुखद खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। उनके असामयिक निधन से परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों, शुभचिंतकों, स्थानीय नागरिकों और पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों में गहरा दुख देखने को मिला। गोरखनाथ गुप्ता के निधन की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। लोगों ने उनके सरल व्यवहार, मिलनसार व्यक्तित्व, आत्मीयता और सहयोग की भावना को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
गोरखनाथ गुप्ता केवल अपने परिवार के सदस्य ही नहीं थे, बल्कि अपने भाई पत्रकार प्रेम गुप्ता के माध्यम से पत्रकारिता जगत के अनेक साथियों से भी उनका आत्मीय संबंध बन गया था। पत्रकार साथियों के घर आने-जाने के दौरान वे जिस सहजता, सम्मान और अपनत्व के साथ उनका स्वागत करते थे, वह व्यवहार आज उनके परिचितों की स्मृतियों में जीवित है। उनके निधन से उत्पन्न शून्य को भर पाना परिवार के लिए अत्यंत कठिन है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह एहसास कराया कि किसी परिवार के सदस्य का बिछुड़ना केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे जुड़े मित्रों और शुभचिंतकों के हृदय को भी गहरा आघात पहुंचाता है।
मां चंडिका धाम के श्मशान घाट पर पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’
गोरखनाथ गुप्ता के अंतिम संस्कार के अवसर पर मां चंडिका धाम स्थित श्मशान घाट पर श्री बजरंग 24 न्यूज चैनल हिंदी दैनिक अखबार डिजिटल मीडिया के प्रधान संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ पहुंचे। उन्होंने दिवंगत गोरखनाथ गुप्ता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने परिवार को इस कठिन समय में धैर्य, संयम और हिम्मत बनाए रखने का संदेश दिया।
वरिष्ठ पत्रकार अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ ने कहा कि दुख की इस घड़ी में संवेदना के कुछ शब्द भी शोकाकुल परिवार को संबल देने का माध्यम बन सकते हैं। किसी प्रियजन को खोने का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। परिवार के लिए यह ऐसी कठिन परिस्थिति होती है, जिसमें अपने लोगों का साथ, सहयोग और आत्मीयता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जगत से जुड़े सभी साथी प्रेम गुप्ता के दुख को अपना दुख समझते हैं और इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि पत्रकार प्रेम गुप्ता का पत्रकारिता जगत के लोगों के साथ लगातार सहयोगात्मक संबंध रहा है। पत्रकारिता के क्षेत्र में आपसी भाईचारा, एक-दूसरे का सम्मान और जरूरत के समय साथ खड़ा होना बेहद जरूरी है। ऐसे में उनके परिवार पर आई इस दुखद घड़ी में पत्रकार साथियों का दायित्व है कि वे शोक संतप्त परिवार को अकेला महसूस न होने दें।
‘एक पत्रकार के भाई का निधन पूरे पत्रकार परिवार के लिए गहरी क्षति’
प्रधान संपादक अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ ने भावुक होकर कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने, खबरों को प्रकाशित करने या घटनाओं को जनता तक पहुंचाने का माध्यम भर नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा हुआ क्षेत्र भी है। पत्रकार दिन-रात समाज की समस्याओं, जनहित के मुद्दों और आम नागरिकों की आवाज को सामने लाने का कार्य करते हैं। इस कार्य के दौरान पत्रकारों के बीच एक पारिवारिक संबंध भी विकसित हो जाता है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार प्रेम गुप्ता के छोटे भाई गोरखनाथ गुप्ता के निधन से उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी गहरा दुख पहुंचा है। जब किसी पत्रकार के परिवार पर ऐसी विपत्ति आती है, तो उसके साथी केवल औपचारिक संवेदना व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके दुख में सहभागी बनने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम गुप्ता के छोटे भाई का निधन हम सभी पत्रकार साथियों के लिए अत्यंत दुखद घटना है। उनके परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं और हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्राप्त हो।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान केवल उसके पद, प्रतिष्ठा या संपत्ति से नहीं होती, बल्कि उसके व्यवहार, विनम्रता, सहयोग और दूसरों के प्रति उसके सम्मान से होती है। गोरखनाथ गुप्ता अपने आत्मीय व्यवहार और सहयोग की भावना के कारण लोगों के बीच याद किए जाते रहेंगे। उनके जीवन से जुड़ी अच्छी यादें उनके परिवार और परिचितों के लिए हमेशा अनमोल रहेंगी।
पत्रकार प्रेम गुप्ता के घर आने वाले पत्रकारों का आत्मीय स्वागत करते थे गोरखनाथ गुप्ता
वरिष्ठ पत्रकार अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ ने गोरखनाथ गुप्ता के व्यवहार को याद करते हुए बताया कि जब भी वे अपने पत्रकार साथियों के साथ पत्रकार प्रेम गुप्ता के घर पहुंचते थे, उस समय गोरखनाथ गुप्ता का व्यवहार बेहद आत्मीय और सहयोगपूर्ण रहता था। घर पर पत्रकार साथियों के पहुंचते ही वे पानी और चाय लेकर उनके स्वागत-सत्कार में जुट जाते थे। वे इस बात का ध्यान रखते थे कि घर आए लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि गोरखनाथ गुप्ता का व्यवहार औपचारिकता तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें अपनापन और सम्मान की भावना दिखाई देती थी। पत्रकार साथी जब भी प्रेम गुप्ता से मिलने उनके घर पहुंचते थे, तो गोरखनाथ गुप्ता उन्हें अपने परिवार का हिस्सा समझकर आदर देते थे। उनका यह सहज व्यवहार लोगों के मन में उनके प्रति सम्मान और स्नेह उत्पन्न करता था।
उन्होंने कहा कि आज जब गोरखनाथ गुप्ता हमारे बीच नहीं हैं, तब उनके द्वारा किया गया वह आत्मीय स्वागत और सहयोग बार-बार याद आ रहा है। जीवन में कुछ लोग अपने छोटे-छोटे कार्यों से दूसरों के हृदय में ऐसी जगह बना लेते हैं, जिसे समय भी मिटा नहीं पाता। गोरखनाथ गुप्ता का सरल व्यवहार भी ऐसी ही स्मृतियों का हिस्सा बन गया है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की अच्छाई का वास्तविक मूल्यांकन उसके जाने के बाद लोगों की स्मृतियों और उनके प्रति व्यक्त किए जाने वाले सम्मान से भी दिखाई देता है। गोरखनाथ गुप्ता के प्रति व्यक्त की जा रही संवेदनाएं इस बात को दर्शाती हैं कि उनका लोगों के साथ आत्मीय संबंध था।
गरीबों, मजदूरों और असहाय लोगों के प्रति सहयोग की भावना को किया याद
गोरखनाथ गुप्ता के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ ने कहा कि वे गरीबों, मजदूरों और असहाय लोगों की सहायता करने की भावना रखते थे। समाज में ऐसे लोगों का महत्व हमेशा बना रहता है, जो दूसरों की परेशानी को समझते हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी क्षमता के अनुसार मदद के लिए आगे आते हैं।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सबसे बड़ी विशेषता दूसरों के दुख को समझना और जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील रहना है। किसी भूखे को भोजन देना, किसी परेशान व्यक्ति की बात सुनना, जरूरतमंद की सहायता करना और अपने दरवाजे पर आने वाले व्यक्ति का सम्मान करना ऐसे मानवीय गुण हैं, जो समाज को बेहतर बनाते हैं।
गोरखनाथ गुप्ता के व्यवहार में भी लोगों ने इसी तरह की आत्मीयता और सहयोग की भावना को याद किया। उनके परिचितों के लिए यह केवल एक व्यक्ति का बिछुड़ना नहीं, बल्कि ऐसे व्यवहार से वंचित हो जाना भी है, जो लोगों के बीच प्रेम और विश्वास को बढ़ावा देता था।
उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में कितनी ही बड़ी उपलब्धियां क्यों न प्राप्त कर ले, लेकिन अंततः उसे उसके मानवीय व्यवहार, विनम्रता और दूसरों के प्रति किए गए सहयोग के लिए याद किया जाता है। गोरखनाथ गुप्ता की स्मृतियां भी उनके परिवार, मित्रों और परिचितों के बीच इसी भावना के साथ बनी रहेंगी।
पत्रकारिता जगत में आपसी भाईचारे और एकजुटता का संदेश
इस दुखद अवसर पर पत्रकार साथियों ने आपसी भाईचारे, मानवीय संवेदनाओं और एकजुटता का परिचय देते हुए शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। पत्रकारिता का कार्य समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और आम नागरिकों की आवाज को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने से जुड़ा है। इस क्षेत्र में काम करने वाले पत्रकारों के बीच परस्पर सहयोग और सम्मान की भावना समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देती है।
पत्रकार प्रेम गुप्ता के छोटे भाई गोरखनाथ गुप्ता के निधन पर पत्रकार साथियों का एकत्र होना इस बात का प्रतीक रहा कि दुख की घड़ी में मानवीय संबंध सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। किसी परिवार पर संकट आने के समय उसके परिचितों का पहुंचना, परिवार के सदस्यों से बातचीत करना और उन्हें सांत्वना देना भावनात्मक सहारा प्रदान करता है।
वरिष्ठ पत्रकार अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ ने कहा कि पत्रकारिता जगत में चाहे अलग-अलग समाचार संस्थानों में कार्य किया जाता हो, लेकिन दुख और संकट के समय सभी पत्रकारों को मानवीय आधार पर एक-दूसरे के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी के दुख में सहभागी बनना समाज और पत्रकारिता दोनों की मानवीय जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकार साथियों के बीच सम्मान, सहयोग और पारिवारिक आत्मीयता की परंपरा को बनाए रखना आवश्यक है, ताकि जरूरत के समय कोई भी साथी स्वयं को अकेला महसूस न करे।
पत्रकार प्रेमनाथ सिंह ने परिवार को दिया धैर्य और संयम बनाए रखने का संदेश
इस अवसर पर पत्रकार प्रेमनाथ सिंह ने भी गोरखनाथ गुप्ता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वे और वरिष्ठ पत्रकार अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ मां चंडिका धाम के श्मशान घाट पर पहुंचे और वहां शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। दोनों ने परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें इस कठिन समय में धैर्य, संयम तथा हिम्मत बनाए रखने की अपील की।
प्रेमनाथ सिंह ने कहा कि किसी अपने को खोने का दुख बेहद गहरा होता है। ऐसे समय में परिवार के सदस्यों को मानसिक और भावनात्मक संबल की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सभी शुभचिंतकों को परिवार के साथ संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने दिवंगत गोरखनाथ गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और उनके परिजनों को इस कठिन परिस्थिति का सामना करने की शक्ति प्राप्त हो।
पत्रकार साथियों और क्षेत्रीय लोगों ने व्यक्त की शोक संवेदना
गोरखनाथ गुप्ता के निधन पर पत्रकारिता जगत से जुड़े कई साथियों और क्षेत्रीय लोगों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर पत्रकार प्रेमनाथ सिंह, जिला संवाददाता अजय कुमार मौर्य, जिला संवाददाता अमन कुमार त्रिपाठी, पत्रकार भोलानाथ यादव, पत्रकार सत्येंद्र विश्वकर्मा, पत्रकार विजय प्रताप सिंह तथा अमर उजाला और हिन्दुस्तान अखबार से जुड़े पत्रकार मिथिलेश कुमार अग्रहरी सहित अन्य पत्रकारों और शुभचिंतकों ने दिवंगत गोरखनाथ गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपस्थित पत्रकार साथियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा कि जीवन और मृत्यु प्रकृति का शाश्वत सत्य हैं, लेकिन किसी अपने का बिछुड़ना परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक होता है। ऐसे समय में परिवार को सांत्वना देना, उसके साथ खड़ा होना और उसे धैर्य प्रदान करना ही सच्ची मानवीय संवेदना है।
पत्रकार साथियों ने दिवंगत गोरखनाथ गुप्ता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार को इस गहरे दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
पड़री क्षेत्र में शोक का माहौल, शुभचिंतकों ने जताया दुख
विकासखंड पहाड़ी के पड़री ग्रामसभा से जुड़े गोरखनाथ गुप्ता के निधन की खबर से क्षेत्र के लोगों में भी दुख का माहौल है। स्थानीय लोगों और परिचितों के लिए यह घटना बेहद पीड़ादायक है। किसी परिवार के सदस्य का निधन उस परिवार के जीवन में ऐसा खालीपन छोड़ जाता है, जिसे भर पाना आसान नहीं होता।
गोरखनाथ गुप्ता के प्रति व्यक्त की गई श्रद्धांजलि और संवेदनाएं यह दर्शाती हैं कि सामाजिक जीवन में व्यक्ति के व्यवहार और संबंधों का विशेष महत्व होता है। जो व्यक्ति लोगों के साथ प्रेम, सम्मान और सहयोग का रिश्ता बनाता है, उसकी यादें लंबे समय तक लोगों के दिलों में बनी रहती हैं।
इस दुखद घड़ी में पत्रकारिता जगत और क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रेम गुप्ता तथा उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए प्रार्थना की कि परिवार को दुख सहन करने की शक्ति मिले और सभी परिजन धैर्य के साथ इस कठिन समय का सामना कर सकें।
अंतिम संस्कार के अवसर पर श्रद्धांजलि, परिवार के प्रति संवेदना
मां चंडिका धाम स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के अवसर पर पहुंचे पत्रकारों और शुभचिंतकों ने दिवंगत गोरखनाथ गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। वरिष्ठ पत्रकार अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पत्रकार परिवार उनके साथ है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन की स्मृतियां उसके जाने के बाद भी परिवार और समाज के बीच बनी रहती हैं। गोरखनाथ गुप्ता के सरल व्यवहार, आत्मीय स्वागत-सत्कार और जरूरतमंदों के प्रति सहयोग की भावना को उनके परिचित हमेशा याद रखेंगे।
उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखें और उन्हें इस कठिन समय में भावनात्मक सहयोग प्रदान करें।
श्री बजरंग 24 न्यूज चैनल परिवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
श्री बजरंग 24 न्यूज चैनल हिंदी दैनिक अखबार डिजिटल मीडिया परिवार की ओर से दिवंगत गोरखनाथ गुप्ता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संस्थान के प्रधान संपादक अनिस कुमार ओझा ‘अवनीश’ ने शोक संतप्त पत्रकार प्रेम गुप्ता और उनके समस्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार के सभी सदस्यों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ संबंध शब्दों से नहीं, बल्कि व्यवहार और आत्मीयता से बनते हैं। गोरखनाथ गुप्ता की सहजता, प्रेमपूर्ण व्यवहार और सहयोग की भावना को उनके परिचित हमेशा याद रखेंगे। उनकी स्मृतियां परिवार और शुभचिंतकों के हृदय में सदैव बनी रहेंगी।
भावभीनी श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन
दिवंगत गोरखनाथ गुप्ता जी को विनम्र श्रद्धांजलि।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। शोकाकुल पत्रकार प्रेम गुप्ता एवं उनके परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें। परिवार के सभी सदस्यों को धैर्य, संयम और संबल प्राप्त हो।
ॐ शांति। शांति। शांति।
