संवाददाता निलेश कलसकर अखंड भारत न्यूज़ पांढुरना
पांढुर्ना। इस वर्ष क्षेत्र में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण किसानों की फसलें सूखने की कगार पर हैं। ऐसे संकट के समय में किसानों को राहत देने की बजाय कुछ ग्राम पंचायतों द्वारा किसानों पर ही कार्यवाही करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन दिए जाने का मामला सामने आया है, जिससे ग्रामीण किसानों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि आज किसान ही सबसे ज्यादा पीड़ित है। खेतों में पानी नहीं है, और जिन किसानों के पास बिजली कनेक्शन नहीं है, वे डीजल पंप से भी सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में कार्यवाही से खेत नहीं बचेंगे।
किसानों की मांग – कार्यवाही नहीं, राहत दो
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस स्थिति में दंडात्मक कार्यवाही करने के बजाय राहत का रास्ता निकाला जाए।
1. जिन किसानों के पास बिजली व्यवस्था नहीं है, उन्हें कम से कम लागत में अस्थायी कृषि पंप कनेक्शन दिया जाए। 2. सोलर पंप योजना (PM-KUSUM) का लाभ तुरंत दिलाया जाए ताकि बिना बिजली के भी दिन में सिंचाई हो सके। 3. आसपास उपलब्ध जल स्रोतों से अपनी फसल बचाने के लिए किसानों को पानी की व्यवस्था करने की अनुमति और सहयोग दिया जाए।
एक किसान ने कहा, "किसान है तो कल है। अगर आज ही किसान पर कार्यवाही होगी तो कल खेती कौन करेगा? हमें बिजली और पानी चाहिए, नोटिस नहीं।"
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से अपील की है कि पूरे क्षेत्र का सर्वे कराकर जरूरतमंद किसानों को तुरंत राहत पैकेज दिया जाए, ताकि उनकी खरीफ की फसल बच सके
