वाराणसी/-रोहनियां थाना क्षेत्र के अमरा खैरा चक गांव में सरकारी खड़ंजा उखाड़ने और विरोध करने पर मारपीट व जानलेवा हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है।पीड़िता लक्ष्मीना देवी पत्नी सेघन ने पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाते हुए तहरीर सौंपी है।पीड़िता लक्ष्मीना देवी द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार 1 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 10 बजे वह अपने परिवार के साथ रास्ते से गुजर रही थी।आरोप है कि गांव के ही दबंग सूरज पुत्र स्व बाबूलाल,गोपी पुत्र जेठूलाल और उनके अन्य साथियों ने गोलबंद होकर सरकारी खड़ंजे को उखाड़ दिया,जिससे रास्ते पर पानी भरने लगा।जब पीड़िता ने इसका विरोध किया,तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसके बेटे को जान से मारने की नीयत से फावड़ा लेकर दौड़ा लिया।आस-पास के लोगों के बीच-बचाव करने से दोनों की जान बच सकी।पुलिस की मौजूदगी में ही गला दबाने की कोशिश घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने रोहनियां थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। ₹शाम को जब पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची,तब भी आरोपियों के हौसले पस्त नहीं हुए।आरोप है कि पुलिस के सामने ही धूरे पुत्र जेठूलाल ने पीड़िता का गला दबा दिया।
पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की,लेकिन आरोपी मौके से भाग निकला। इसके अलावा,पीड़िता के पति को कुत्ते से काटने और मारपीट करने का भी आरोप है।खुलेआम मिल रही धमकियां,परिवार में दहशत पीड़िता का कहना है कि आरोपी दबंग किस्म के व्यक्ति हैं और लगातार ऐलानिया धमकी दे रहे हैं कि "पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती"।लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है।पीड़िता ने 3 सितंबर 2026 को पुलिस आयुक्त से गुहार लगाते हुए रोहनियां थाना प्रभारी को आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने और परिवार के जान-माल की सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।*
