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धनबाद भूमि आउटसोर्सिंग में बड़ा सुरक्षा हादसा कोल डंप की आग में झुलसे BCCL के दो कर्मी, आउटसोर्सिंग कंपनी में लगातार हो रही घटनायें

धनबाद भूमि आउटसोर्सिंग में बड़ा सुरक्षा हादसा कोल डंप की आग में झुलसे BCCL के दो कर्मी, आउटसोर्सिंग कंपनी में लगातार हो रही घटनायें
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धनबाद : बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र स्थित AKWMC परियोजना में संचालित भूमि आउटसोर्सिंग कंपनी के कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी का मामला सामने आया है। कोल डंप में आग बुझाने के दौरान बीसीसीएल के दो विभागीय कर्मी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना तीन-चार दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन मामला अब सामने आने के बाद परियोजना प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।घायलों की पहचान गवरन भुइयां और केशव महतो के रूप में हुई है। दोनों का इलाज दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। सूत्रों के अनुसार दोनों 60 प्रतिशत से अधिक झुलस गए हैं। केशव महतो के पेट और पैरों का निचला हिस्सा गंभीर रूप से जल गया है, जबकि गवरन भुइयां के हाथ और पैर बुरी तरह झुलस गए हैं। चिकित्सकों ने दोनों की हालत गंभीर बताई है।सूत्रों के मुताबिक हादसा उस समय हुआ जब आग प्रभावित कोयले को डंप में डालने के बाद आग बुझाने का कार्य कराया जा रहा था। आरोप है कि डंप स्थल पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। साथ ही कर्मियों को फायर जैकेट, हीट रेसिस्टेंट दस्ताने, हेलमेट, गमबूट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। ऐसे में आग की चपेट में आने से दोनों कर्मी गंभीर रूप से झुलस गए।#DGMS नियम क्या कहते हैं?खनन सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार महानिदेशालय खान सुरक्षा (DGMS) के मानकों के तहत आग प्रभावित कोयले को डंप में रखने से पहले आग को पूरी तरह नियंत्रित करना आवश्यक है। डंप स्थल पर नियमित तापमान की निगरानी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) उपलब्ध कराना अनिवार्य माना जाता है। समय-समय पर DGMS खदानों में सुरक्षा उपकरण, सुरक्षित कार्य प्रणाली और जोखिम नियंत्रण को लेकर सुरक्षा अलर्ट भी जारी करता है।कई सवालों के घेरे में प्रबंधनघटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आउटसोर्सिंग कंपनी के कार्यस्थल पर बीसीसीएल के विभागीय कर्मियों से डंप और आग नियंत्रण का कार्य किस आदेश के तहत कराया जा रहा था। साथ ही यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि डंप पर आग थी तो सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया, पर्याप्त लाइटिंग क्यों नहीं थी और हादसे की जानकारी तत्काल सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।परियोजना पदाधिकारी का पक्षAKWMC परियोजना के परियोजना पदाधिकारी जयंत कुमार ने कहा कि घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। दोनों कर्मियों का इलाज दुर्गापुर में चल रहा है तथा एरिया सेफ्टी ऑफिसर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों कर्मी आउटसोर्सिंग कंपनी के डंप पर काम नहीं कर रहे थे, बल्कि वहां से गुजरने के दौरान यह दुर्घटना हुई।हालांकि पूरे मामले ने एक बार फिर कोयला खदानों में सुरक्षा मानकों के पालन, आउटसोर्सिंग कंपनियों की जवाबदेही और बीसीसीएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं!