मोहरसिंह….नोहर..जिला..हनुमानगढ़
राजस्थान
सोमवार को किरारी में कबड्डी प्रतियोगिता एवं नाग पंचमी पूजन मेला रिपोर्टर कमल कश्यप अकलतरा/ जांजगीर अकलतरा जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत किरारी में विशाल नाग पंचमी पूजन मेला एवं कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। यहां नाग पंचमी मुख्य और सबसे बड़ा ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध मेला है।जहाँ हर साल नाग पंचमी के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ग्राम किरारी में भी पारंपरिक नाग देवता की पूजा और मेलों की रौनक एवं कबड्डी प्रतियोगिता देखने को मिलती है। इस वर्ष नाग पंचमी 17 अगस्त 2026दिन सोमवार को पड़ रहा है। सावन का तीसरा सोमवार नाग पंचमी सोमवार भगवान शिव का दिन है और नाग देवता शिव जी के गले का हार माने जाते हैं। दोनों एक साथ होने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। ऐसा संयोग इससे पहले 2003 में बना था। ग्राम किरारी में इस बार कबड्डी प्रतियोगिता सुबह 9: 00 बजे से प्रारंभ हो जाएगी जो प्रतिभागी अपनी टीम सहित समय पर उपस्थित रहेंगे उसे खेलने का पहला मौका दिया जाएगा। कबड्डी प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि सौरभ सिंह अध्यक्ष छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम( कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) मुख्य अभ्यागत राघवेंद्र सिंह विधायक अकलतरा , अध्यक्षता श्रीमती शकुंतला देवी अघरिया जनपद अध्यक्ष जनपद पंचायत अकलतरा, विशिष्ट अतिथि चुन्नीलाल साहू ,पूर्व विधायक अकलतरा, दिनेश सिंह पूर्व भाजपा प्रत्याशी विधानसभा अकलतरा, जयप्रकाशधार दीवान , भागवत सिदार, महेश्वर कश्यप, श्रीमती त्रिवेणी गणेश चौहान जनपद सदस्य ,अशोक कुमार कश्यप सरपंच , श्रीमती पूर्णिमा धनेश कुमार गोंड उप सरपंच, सिजय जगत अध्यक्ष गुरुवाईंन दाई खेल समिति, सागर श्याम रेफरी, नन्हू सिदार, डोमर सिदार मंदिर पुजारी, घनश्याम प्रसाद लटा, रजत दीवान सहित अन्य उपस्थित रहेंगे। जिसमें प्रथम पुरस्कार 10000रूपये एवं शील्ड, द्वितीय पुरस्कार 7000 रूपये एवं शील्ड ,तृतीय पुरस्कार 5000 रूपये एवं शील्ड, सांत्वना पुरस्कार 3000रूपये एवं शील्ड समिति की ओर से प्रदान किया जाएगा । ग्राम पंचायत द्वारा गुरुवाईंन दाई परिसर में सभी भक्तों के लिए खीर पुड़ी प्रसाद का व्यवस्था किया जाएगा।
14/08/2026
गोरखाना डेरे में बाबा मेघनाथ मंदिर में विशाल वार्षिक उत्सव का आयोजन किया किया गया।
जानकारी देते महंत योगी गोपालनाथ ने बताया कि यह भूमि गुरु गोरखनाथ की तप स्थली हैं।
गोपालनाथ ने बताया कि गुरु गोरखनाथ के शिष्य बाबा मेघनाथ ने यहां नौ सौ साल पहले जीवित समाधि ली थी।
महंत ने बताया कि शीतला सप्तमी के दिन बाबा मेघनाथ ने जीवित समाधि ली थी,इसी उपलक्ष में हर साल समाधि की पूर्व संध्या पर इस वार्षिक उत्सव का आयोजन किया जाता है व बाबा मेघनाथ को मानने वाले लोग यहां आते हैं।
इसी कड़ी में महंत योगी गोपालनाथ ने बताया कि सामाजिक सेवा में निरंतरता के चलते उन्हें हाल ही में दिल्ली में नेपाल के उपराष्टपति द्वारा सम्मानित किया गया हैं।
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