*जनपद अम्बेडकर नगर में विकास कार्यों के नाम पर लूट शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार मौन*
**ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के बाद ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराए जाने के निमित्त जारी शासनादेश का हों रहा घोर उल्लंघन*
*बिना सक्षम स्वीकृति के करायें जा रहें कार्य एवं बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से हों रहा भुगतान*
*ई ग्राम स्वराज पोर्टल एवं मेरी पंचायत पोर्टल पर अपलोड की जा रही है भिन्न-भिन्न जानकारियां*
*विकास खण्ड बसखारी में जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण पर फीडबैक लेते हैं लिपिक, सफ़ाई कर्मी एवं कम्प्यूटर आपरेटर*
*जिलाधिकारी महोदया से उठी निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही की मांग*
*अम्बेडकर नगर*
सरकार भले ही ज़ीरो टालरेन्स की नीति के तहत प्रदेश को अपराध एवं भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए भले ही शतत प्रयास कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हों लेकिन धरातल की वास्तविक स्थिति इसके विल्कुल विपरीत है। प्रदेश में पंचायती राज विभाग के तहत निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें ही प्रशासक नियुक्त कर ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराए जाने के सम्बन्ध में शासनादेश जारी किया था जिसमें निश्चित धनराशि का विकास कार्यों पर व्यय करने एवं निश्चित धनराशि से अधिक की धनराशि कार्यों पर व्यय करने एवं भुगतान की सक्षम स्वीकृति की व्यवस्था की गई है परन्तु विकास खण्ड बसखारी के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों एवं ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा सहायक विकास अधिकारी पंचायत से विधि विरुद्ध आपसी सांठ -गाठ के आधार पर शासनादेश का घोर उल्लंघन करते हुए शासनादेश में वर्णित व्यवस्था को नजर अंदाज कर बिना किसी सक्षम स्वीकृति के मनमाने ढंग से विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर शासकीय धनराशि का आहरण कर भुगतान कराया जा रहा है तथा विभाग की वेबसाइट ई ग्राम स्वराज पोर्टल एवं मेरी पंचायत पोर्टल पर भिन्न-भिन्न जानकारियां अपलोड की जा रही है।
उक्त के सम्बन्ध में जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के बावजूद भी मुख्य तथ्यों को नजर अंदाज कर शिकायतों का विधि विरुद्ध ढंग से निस्तारण एवं अनुमोदन कर शिकायत को निराधार बताकर शिकायत कर्ताओं एवं शासन को गुमराह किया जा रहा है।
*जिलाधिकारी महोदया से उठी निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाही की मांग*
विकास खण्ड बसखारी में तथाकथित विकास कार्यों के नाम पर हों रहें बड़े पैमाने पर शासकीय धनराशि के अपव्यय, शासनादेश के उल्लंघन एवं जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का हों रहें गलत एवं मनमाने निस्तारण के सम्बन्ध में शिकायत देकर जांच एवं आवश्यक कार्यवाही की मांग की गई है।अब देखना यह होगा कि जनपद की योग्य, कर्मठ, ईमानदार एवं जनता के विश्वसनीयता की मिशाल जिलाधिकारी महोदया श्रीमती ईशा प्रिया द्वारा प्रकरण की जनहित,न्यायहित एवं राष्ट्रहित में गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रभावी कदम उठाते हुए प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराने की पहल करती हैं या फिर प्रकरण को नज़रंदाज़ कर भ्रष्टाचारियों को और अधिक शासकीय धनराशि की लूट करने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया जाता है।
