गणेश पाण्डे , अखंड भारत समाचार डिण्डौरी
डिंडोरी।आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब एवं पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराना है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस योजना के अंतर्गत विभिन्न निजी अस्पतालों को उपचार हेतु चिन्हित किया गया है, जिनमें जबलपुर स्थित सुखसागर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भी शामिल है।
प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं के अनुसार, सुखसागर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से जुड़े कुछ व्यक्तियों द्वारा विगत 4-5 वर्षों से डिण्डौरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एजेंटों के माध्यम से भोले-भाले ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड एकत्रित कर उन्हें बेहतर एवं निःशुल्क उपचार का प्रलोभन देकर जबलपुर ले जाया जा रहा था। आरोप है कि वास्तविक चिकित्सकीय आवश्यकता एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना मरीजों को अस्पताल में भर्ती दर्शाकर आयुष्मान योजना के तहत शासन से उपचार की राशि प्राप्त करने का षड्यंत्र किया जा रहा था, जिससे शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।
संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई
उक्त गतिविधियों के संबंध में लगातार सूचनाएं प्राप्त होने पर दिनांक 31.10.2026 को प्रातः लगभग 07:00 बजे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा एवं तहसीलदार शहपुरा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम द्वारा थाना शहपुरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम पिपरिया माल एवं कौआझिर में कार्रवाई की गई।
इस दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा स्वयं को सुखसागर मेडिकल कॉलेज जबलपुर से संबद्ध बताकर ग्रामीणों को निःशुल्क उपचार एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रलोभन देकर वाहन क्रमांक MP20PA1209 एवं MP20XE2539 से जबलपुर ले जाया जा रहा था।
उक्त वाहनों में सवार कुल 19 मरीजों का दिनांक 31.10.2026 को खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) शहपुरा द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसी भी मरीज में गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए। प्रथम दृष्टया ग्रामीणों को बिना किसी वास्तविक चिकित्सकीय आवश्यकता के आयुष्मान कार्ड के माध्यम से योजना की राशि प्राप्त करने के उद्देश्य से ले जाना सामने आया।
वाहनों में सवार ग्रामीणों के कथनों से यह तथ्य भी सामने आया कि आयुष्मान कार्ड धारक नहीं होने पर संबंधित व्यक्तियों द्वारा उपचार नहीं किए जाने की बात कही गई थी।
अपराध पंजीबद्ध एवं आरोपियों की गिरफ्तारी
प्रकरण में भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर आयुष्मान कार्ड एकत्रित करने, शासन की योजना का दुरुपयोग कर बेईमानीपूर्वक शासकीय राशि प्राप्त करने तथा शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में निम्न व्यक्तियों के विरुद्ध थाना शहपुरा में अपराध क्रमांक 624/2026, धारा 318(4), 61(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपीगण :
1. उमेश मिश्रा
2. अवधेश दुबे
3. विमल राय
4. संतोष कुमार पटेल (प्रचारक)
5. संजय दुबे
6. राजा खरे (वाहन चालक)
आरोपियों से पूछताछ में जबलपुर स्थित सुखसागर मेडिकल कॉलेज के मैनेजर संजय शर्मा के कहने पर पिछले 4-5 वर्षों से इस प्रकार का कार्य करना बताया गया है। प्रकरण में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जप्ती की कार्रवाई
पुलिस द्वारा प्रकरण में प्रयुक्त दोनों वाहनों को जप्त किया गया है।
– वाहन क्रमांक MP20PA1209
– वाहन क्रमांक MP20XE2539
पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका
उक्त संपूर्ण कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जिला डिण्डौरी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) शहपुरा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा एवं तहसीलदार शहपुरा के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में थाना प्रभारी शहपुरा ताकेश्वरी मरकाम, उप निरीक्षक मनीराम मरावी, सहायक उप निरीक्षक घसीटा लाल रजक, प्रधान आरक्षक क्रमांक 37 कमलेश मरावी एवं अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों तथा राजस्व विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डिण्डौरी पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेने के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड अथवा अन्य व्यक्तिगत दस्तावेज न सौंपें। किसी भी प्रकार के संदिग्ध प्रलोभन या धोखाधड़ी की सूचना तत्काल पुलिस एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें।
