राजेश कुमार जेके
पूर्व मंत्री सुखनंदन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त से मुलाकात की; किसानों को पट्टे की जमीन वापस लौटाने की मांग की
जम्मू: पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चौधरी सुखनंदन चौधरी के नेतृत्व में चिनोर और आसपास के गांवों के किसानों तथा भूस्वामियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मंडलायुक्त (डिविजनल कमिश्नर), जम्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर 'सीड मल्टीप्लिकेशन फार्म, चिनोर' को पट्टे (लीज) पर दी गई 13,720 कनाल कृषि भूमि को उसके मूल मालिकों को वापस लौटाने की मांग की।
ज्ञापन में भूस्वामियों ने जमीन वापसी की अपनी लंबे समय से लंबित मांग को रेखांकित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2013 में पट्टा समझौते (लीज एग्रीमेंट) की अवधि समाप्त होने के बावजूद प्रशासन सही मालिकों को कब्जा सौंपने में विफल रहा है।
ज्ञापन के अनुसार, 11 गांवों के किसानों की कुल 13,720 कनाल भूमि चिनोर स्थित सीड मल्टीप्लिकेशन फार्म को पट्टे पर दी गई थी। गांववार विवरण इस प्रकार है:
* बेली अज़मत: 1,175 कनाल
* बेली तूरान: 763 कनाल
* धनकोट: 1,163 कनाल
* बेली बगियां: 2,020 कनाल
* चिनोर: 4,564 कनाल
* ठूब: 1,366 कनाल
* चक मगाना: 618 कनाल
* चक उमरा: 761 कनाल
* गोल पठान: 432 कनाल
* बठूर: 470 कनाल
* मछिआल: 388 कनाल
भूस्वामियों का कहना है कि पट्टे की व्यवस्था 2013 में समाप्त हो चुकी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुआवजे की दरों में न तो संशोधन किया गया है और न ही उन्हें मौजूदा आर्थिक स्थितियों के अनुरूप लाया गया है, जिससे प्रभावित परिवार अपने वित्तीय हितों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ज्ञापन के मुताबिक, लगभग 2,000 से 2,100 परिवार इस भूमि और इससे जुड़े मुआवजे पर निर्भर हैं। किसानों ने दावा किया कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में बार-बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है, लेकिन कई ज्ञापनों और आश्वासनों के बावजूद उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ।
भूस्वामियों ने पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद भी 'सीड मल्टीप्लिकेशन फार्म' द्वारा उनकी कृषि भूमि के निरंतर उपयोग पर सवाल उठाया है और मांग की है कि प्रशासन को भूमि को उसके मूल मालिकों को वापस सौंपने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए।
मंडलायुक्त के हस्तक्षेप की मांग करते हुए, प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से इस मामले की जांच करने, लंबे समय से लंबित मुद्दे को सुलझाने और सही मालिकों को जमीन की बहाली सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
'चिनोर फार्म लैंडओनर्स एसोसिएशन' द्वारा सौंपे गए इस ज्ञापन में इस मुद्दे को हजारों किसान परिवारों की आजीविका और संपत्ति के अधिकारों से सीधा जुड़ा मामला बताया गया और इसका शीघ्र व न्यायसंगत समाधान मांगा गया।
मंडलायुक्त से अनुरोध किया गया है कि वे इस मामले को संबंधित विभाग के समक्ष उठाएं और लागू नियमों व कानूनी प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
