प्रधान जिला न्यायाधीश श्री थॉमस एक्का, न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों ने थामा स्वच्छता का संकल्प
सूरजपुर/02 अक्टूबर 2026/ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर जिला न्यायालय सूरजपुर में गांधी जी के विचार केवल स्मरण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्हें श्रमदान के माध्यम से धरातल पर उतारा गया। 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में स्वच्छता, श्रम की गरिमा और सामूहिक सहभागिता का संदेश देते हुए एक दिवसीय श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई।
स्वच्छता किसी एक व्यक्ति की नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है की भावना के साथ आयोजित इस अभियान में जिला न्यायालय के न्यायाधीशगण, कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश, लीगल एड डिफेंस कौंसिल के अधिवक्तागण, जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण एवं पैरालीगल वालेंटियर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। न्यायालय की गरिमा और स्वच्छता को बनाए रखने के लिए न्यायाधीशों से लेकर कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं तक सभी ने स्वयं श्रमदान किया और सामूहिक रूप से स्वच्छता अभियान को गति दी।
इस दौरान न्यायालय परिसर के अंदर एवं बाहर विभिन्न स्थानों पर व्यापक साफ-सफाई की गई। परिसर में जमा कचरे एवं अव्यवस्थित स्थानों की सफाई करते हुए न्यायालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किया गया। जिसमें स्वच्छता का संदेश केवल देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि न्यायिक परिवार के सभी वर्गों ने स्वयं श्रम में सहभागी बनकर श्रम की गरिमा को व्यवहार में प्रदर्शित किया।
महात्मा गांधी के लिए स्वच्छता स्वस्थ और जिम्मेदार समाज की आधारशिला थी। गांधी जयंती पर जिला न्यायालय परिसर में हुआ श्रमदान कार्यक्रम इसी विचार को आगे बढ़ाने वाली सार्थक पहल बना।
