सावंदाता विवेक सिन्हा
वाराणसी उत्तरप्रदेश
वाराणसी। गंगा में बढ़े जलस्तर और बाढ़ के हालातों के बीच उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव एवं प्रदेश संगठन प्रभारी युवा नेता अनुपम राय ने राजघाट पर माझी समाज के लोगों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना।
इस दौरान अनुपम राय ने प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों से छोटी नावों के संचालन पर रोक लगाने के बावजूद बड़े क्रूज के संचालन को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने माझी समाज के समर्थन में खड़े होकर क्रूज संचालन का कड़ा विरोध करते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की।
उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बाढ़ की विभीषिका के दौरान जब गरीब नाविकों की नावों को किनारे बांध दिया गया है और उनके सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है, ऐसे समय में पूंजीपतियों के क्रूज को गंगा के सीने पर दौड़ाया जा रहा है, यह प्रशासन की साफ तौर पर दोहरी नीति है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर गंगा का बहाव और जलस्तर छोटी नावों के लिए खतरनाक है, तो इतने बड़े क्रूज से घाटों और सुरक्षा को खतरा क्यों नहीं देखा जा रहा है?
बाढ़ के तेज बहाव में जब भारी-भरकम क्रूज चलता है, तो उससे उठने वाली तेज लहरें जलमग्न पक्के घाटों और प्राचीन मंदिरों की नींव से टकराती हैं, इससे ऐतिहासिक घाटों के धंसने और धरोहरों को गंभीर नुकसान पहुंचने का बड़ा जोखिम बना हुआ है। इस अवसर पर मुख्य रूप से काशी निषाद राज आठ फेरी के अध्यक्ष दुर्गा मांझी, महामंत्री रितिक साहनी, नारायण मांझी, सागर साहनी, भानु साहनी, देवेंद्र साहनी 'कल्लू' सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
