मइंदौर रोड विश्राम गृह के सामने हुआ हादसा, सड़क पर अतिक्रमण को लेकर उठे सवाल…..
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। नगर में यातायात व्यवस्था और लगातार बढ़ते अतिक्रमण के कारण सड़कें दिनों दिन संकरी होती जा रही हैं। इसका खामियाजा आम राहगीरों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। 5 सितम्बर शनिवार को इंदौर रोड स्थित विश्राम गृह के सामने एक बार फिर भारी वाहन की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रंजीत पिता हरिसिंह, उम्र करीब 40 वर्ष, निवासी अजंदीमान, मनावर से अपने घर अजंदीमान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान इंदौर रोड विश्राम गृह के सामने सड़क पर जगह कम होने के कारण वे एक ट्राले की चपेट में आ गए। हादसे में रंजीत गंभीर रूप से घायल होकर घटनास्थल पर मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
*अतिक्रमण के कारण लगातार संकरी हो रही सड़क*
स्थानीय लोगों का कहना है कि इंदौर रोड सहित नगर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। दुकानों के सामने सामान रखने, अस्थायी ठेले-गुमटियां तथा सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण मुख्य सड़क पर आवागमन के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। ऐसे में जब भारी वाहन सड़क से गुजरते हैं तो दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है।
विश्राम गृह के सामने जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां भी सड़क के दोनों ओर अव्यवस्थित स्थिति के चलते यातायात प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अतिक्रमण के खिलाफ नगर पालिका और प्रशासन द्वारा प्रभावी एवं स्थायी कार्रवाई नहीं किए जाने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
*हादसों के बाद भी जिम्मेदारों की नहीं खुल रही आंखें*
नगर में भारी वाहनों की आवाजाही और अतिक्रमण के कारण पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाने से नागरिकों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका एवं प्रशासन संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाए, सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों पर कार्रवाई करे तथा भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया और यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जनता की सुरक्षा के मामले में शासन-प्रशासन को अब केवल मूकदर्शक बने रहने के बजाय ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
