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15 अगस्त का जश्न, लेकिन गड्ढों में कैद है पंडरिया शहर का मुख्य मार्ग

स्कूल, पशु चिकित्सालय और सामाजिक भवनों के बीच बदहाल सड़क; सत्ता परिवर्तन के बाद भी नहीं बदली तस्वीर

। देश आज 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाएगा। जगह-जगह तिरंगा फहराया जाएगा और विकास एवं सुशासन के दावे किए जाएंगे, लेकिन पंडरिया शहर में एक ऐसी सड़क है, जहां से गुजरने वाले आम लोगों को आज भी कीचड़, मिट्टी और गड्ढों के बीच आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह सड़क व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है।
पंडरिया शहर का यह मार्ग नया बाजार जाने वाला प्रमुख मार्ग होने के कारण दिनभर लोगों की आवाजाही का केंद्र रहता है। इसी मार्ग के आसपास तीन-चार स्कूल, पशु चिकित्सालय, आंगनबाड़ी केंद्र, गुप्ता धर्मशाला, यादव सामुदायिक भवन और देवांगन समाज भवन जैसे महत्वपूर्ण संस्थान एवं सार्वजनिक स्थल मौजूद हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है।
सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और मिट्टी जमा होने के कारण बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
सत्ता परिवर्तन हुआ, सड़क की तस्वीर नहीं बदली
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंडरिया शहर में सत्ता परिवर्तन हो गया, लेकिन इस गड्ढेनुमा सड़क की स्थिति में अब तक अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। चुनाव के दौरान विकास और बेहतर सड़क व्यवस्था को लेकर किए जाने वाले दावों के बीच यह मार्ग जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर जवाबदेही का सवाल
15 अगस्त केवल तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन जिम्मेदारी, विकास और नागरिक सुविधाओं के प्रति जवाबदेही का भी स्मरण कराता है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब एक ही मार्ग पर स्कूल, आंगनबाड़ी, पशु चिकित्सालय और कई सामाजिक भवन स्थित हैं, तो फिर सड़क की बदहाली दूर करने के लिए अब तक ठोस पहल क्यों नहीं हुई?
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि संबंधित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी इस सड़क का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत एवं स्थायी निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई करें, ताकि स्कूली बच्चों, राहगीरों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
स्वतंत्रता दिवस पर जब शहर विकास की नई तस्वीर की उम्मीद करेगा, तब पंडरिया की यह सड़क यह सवाल जरूर पूछेगी—क्या आम नागरिकों को बेहतर सड़क और सुरक्षित आवागमन का अधिकार भी विकास की प्राथमिकता में शामिल है?

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