धनबाद। बीसीसीएल बरोरा क्षेत्र संख्या-1 के मधुबन में जमीन, रोजगार और आवास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इंदु कंपनी के कार्यों, जमीन के बदले नौकरी प्राप्त करने वाले रैयतों को बार-बार नोटिस जारी किए जाने तथा बीसीसीएल के क्वार्टर और धौड़ा में वर्षों से रह रहे लोगों को आवास खाली करने के लिए दबाव दिए जाने के मामले में निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने बीसीसीएल के महाप्रबंधक से वार्ता की। इस दौरान विधायक ने प्रबंधन के समक्ष स्थानीय रैयतों और ग्रामीणों के हितों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
विधायक अरूप चटर्जी ने स्पष्ट कहा कि मधुबन के रैयत अपनी जमीन बीसीसीएल को देने के लिए तैयार हैं, लेकिन जमीन का भुगतान वर्तमान बाजार दर के अनुसार होना चाहिए। उचित मुआवजा दिए बिना जमीन देने की अपेक्षा करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन रैयतों ने वर्षों पहले बीसीसीएल को जमीन देकर उसके बदले नौकरी प्राप्त की, उन्हें बार-बार नोटिस जारी कर मानसिक रूप से परेशान करना अनुचित है। प्रबंधन को रैयतों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए और उन्हें डराने की कोशिश बंद करनी चाहिए।
मधुबन में इंदु कंपनी के काम पर विधायक का कड़ा विरोध
इंदु कंपनी के कार्यों पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि मधुबन में कंपनी को किसी भी हाल में काम नहीं करने दिया जाएगा। यदि यहां काम कराना है तो बीसीसीएल स्वयं काम करे। उन्होंने कहा कि किसी निजी कंपनी की मनमानी और स्थानीय रैयतों एवं ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा करना बीसीसीएल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
क्वार्टर-धौड़ा के निवासियों को परेशान न करे प्रबंधन
बीसीसीएल के क्वार्टर और धौड़ा में लंबे समय से रह रहे लोगों को आवास खाली करने के लिए नोटिस दिए जाने पर भी विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रभावित लोगों से कहा कि उन्हें डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। सभी संबंधित पक्षों के साथ वार्ता कर समस्या का सम्मानजनक समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनने और उचित समाधान की दिशा में पहल करने से पहले उन पर जबरन आवास खाली करने का दबाव नहीं बनाया जाए।
जमीन, रोजगार और आवास के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी
मधुबन क्रांतिकारी एकता मंच के अध्यक्ष गोपाल महतो ने कहा कि मधुबन की जनता के जमीन, रोजगार, आवास और सम्मान के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बीसीसीएल प्रबंधन को स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित रैयतों और ग्रामीणों की समस्याओं का उचित समाधान होने तक उनके अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।
वार्ता के दौरान मुखिया बिरजू महतो, गोपाल महतो, शेख रहीम, राजेश महतो, कुलदीप महतो, बैजनाथ यादव, धनंजय महतो, शंभू चौधरी, बंसी महतो, चेतलाल महतो, मनोज महतो, नकुल महतो, मोहन दसोंदी, भक्तु महतो, सरकार महतो, अनिल बावरी, देवानंद राजभर, राजू महतो, चंदन गोप, दीनू महतो, बंटी महतो, अमन महतो और करण महतो समेत कई अन्य लोग मौजूद थे।
