अम्बेडकर नगर
सरकार की जीरो टालरेन्स की नीति को विफल करने का सौगन्ध लेकर पंचायती राज विभाग अम्बेडकर नगर के कार्यालय का भ्रष्टाचार रूपी असुर इन दिनों अपनी सफलता की गाथा सोशल मीडिया पर बयां कर सरकार को चुनौती देता हुआ दिाईं दे रहा है। मामला पंचायत चुनाव 2021 से जुडा हुआ है।
गौरतलब है कि पंचायत चुनाव 2021 के दौरान नियुक्त प्रशासकों एवं सचिवों द्वारा विधि विरुद्ध ढंग से नये ग्राम प्रधानों के निर्वाचित होने की तिथि से लेकर उनके शपथ ग्रहण तिथि तक के मध्यावधि में जनपद के लगभग सभी ग्राम पंचायतों की निधियों से बड़े पैमाने पर शासकीय धनराशि का आहरण कर बन्दर बांट किया गया है जिसके सम्बन्ध में जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु लगभग दो वर्ष पूर्व निदेशक पंचायती राज विभाग उ0प्र0 द्वारा जिलाधिकारी महोदय अम्बेडकर नगर को तथा पत्र के अनुपालन के क्रम में जिलाधिकारी महोदय अम्बेडकर नगर द्वारा जनपद के सभी विकास खण्डों के खण्ड विकास अधिकारियों एवं सहायक विकास अधिकारियों पंचायत को एक निश्चित प्रारूप पर एक नियत तिथि तक सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था परन्तु अद्यतन बड़े पैमाने पर हुएं शासकीय धनराशि के अपव्यय की जांच एवं दोषियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही ना होने की दशा मे शिकायत कर्ता द्वारा जांच प्रक्रिया पूर्ण कर दोषियों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करायें जाने के सम्बन्ध में जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत सन्दर्भ संख्या 40017826037862, दिनांकित 06.09.2026 के माध्यम से शिकायत किया गया था। परन्तु जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा शिकायत के निस्तारण में एक ऐसा अजीबो गरीब खेल खेला गया कि वह जनसुनवाई पोर्टल को एक खुली चुनौती जैसा कृत्य है।
शिकायत कर्ता द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शिकायत के निस्तारण में जिला पंचायत राज अधिकारी अम्बेडकर नगर द्वारा अपने कार्यालय अनुस्मारक पत्र पत्रांक -3260/पं0/शिकायत/प्रशासक/ग्रा0पं0/जांच/पत्रा0/2025-26, दिनांकित 22.09.2026 के माध्यम से जनपद के समस्त विकास खण्डों के खण्ड विकास अधिकारियों एवं सहायक विकास अधिकारियों (पं0) को इस आशय के साथ पत्र जारी किया गया कि सम्बन्धित प्रकरण में ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों एवं सचिवों द्वारा आहरित की गई धनराशि का पूर्ण विवरण पूर्व में उपलब्ध करायें गये प्रारूप पर अपने संयुक्त हस्ताक्षर से एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का कष्ट करें ताकि जांच हेतु इस स्तर से अग्रेतर कार्यवाही की जा सके। फिलहाल यह तो सकारात्मकता एवं पारदर्शिता की एक मिसाल थी।
परन्तु
शिकायत कर्ता द्वारा जब शिकायत निस्तारण में पोर्टल पर अपलोड आख्या के विरुद्ध इस आशय का असंतुष्टि फीडबैक दर्ज किया गया कि सम्बन्धित जिम्मेदार लोक सेवकों द्वारा मात्र पत्राचार ही किया जाता है उसके अनुपालन पर बल नही दिया जाता तों पुनः जिला पंचायत राज अधिकारी अम्बेडकर नगर उपेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा फीडबैक के निस्तारण के क्रम में अपने कार्यालय पत्र पत्रांक -792/जनसुनवाई/2026-27, दिनांकित 24.10.2026 के माध्यम से इस आशय की आख्या पोर्टल पर अपलोड किया गया कि शिकायत कर्ता द्वारा की गई शिकायत में जांच हेतु किसी भी ग्राम पंचायत का नाम उल्लिखित नही किया गया है और पर्याप्त समय व्यतीत हो जाने के कारण जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों की जांच कराया जाना संभव नहीं हो पा रहा है यदि शिकायत कर्ता द्वारा किसी विशेष ग्राम पंचायत का नाम उल्लिखित कर शिकायत किया जाता है तों जांच कराया जाना संभव है। अब पूरे प्रकरण की पारदर्शिता पूर्ण निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की आस जनपद की लोकप्रिय, कर्मठ एवं जनता की विश्वास पात्र जिलाधिकारी महोदया श्रीमती ईशा प्रिया की प्रकरण की संज्ञानता एवं प्रभावी कार्यवाही परत उच्च टिकी है।अब देखना यह होगा कि क्या जिलाधिकारी महोदया प्रकरण को संज्ञानित कर त्वरित प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराने का पहल करती है या फिर नजरंदाज कर दिया जाता है।