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जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण पर जोर, किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने किया प्रेरित पीपलपानी में बायो रिसोर्स सेंटर का शुभारंभ, किसानों को मिला आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि का मा

पांढुर्णा, कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन में आज जिले के ग्राम पीपलपानी में बायो रिसोर्स सेंटर का शुभारंभ किया गया। उपसंचालक कृषि श्री मॉरिस नाथ द्वारा सेंटर का…

जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण पर जोर, किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने किया प्रेरित पीपलपानी में बायो रिसोर्स सेंटर का शुभारंभ, किसानों को मिला आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि का मा
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पांढुर्णा, कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन में आज जिले के ग्राम पीपलपानी में बायो रिसोर्स सेंटर का शुभारंभ किया गया। उपसंचालक कृषि श्री मॉरिस नाथ द्वारा सेंटर का उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर किसान संगोष्ठी का आयोजन कर किसानों को प्राकृतिक एवं कम लागत वाली कृषि पद्धतियों तथा आगामी रबी मौसम की फसल योजना के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम में कृषि विभाग, आत्मा परियोजना, कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, बायो रिसोर्स सेंटर के संचालक, कृषि सखी, उन्नतशील किसान तथा प्राकृतिक खेती करने वाले किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

रबी मौसम के लिए कम पानी वाली फसलों पर जोर

संगोष्ठी में आगामी रबी सीजन को देखते हुए किसानों को कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने किसानों को चना, मसूर, सरसों एवं अलसी जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने और उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित एवं किफायती उपयोग की जानकारी दी।

टिकाऊ खेती की ओर कदम

अधिकारियों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण तथा कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही बताया गया कि बायो रिसोर्स सेंटर के माध्यम से किसानों को समय-समय पर कृषि संबंधी उपयोगी जानकारी एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्थानीय परिस्थितियों एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप उपयुक्त फसल चयन के प्रति जागरूक करना तथा टिकाऊ और लाभकारी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना रहा।