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20 साल बाद प्रदेश में फिर दौड़ेंगी सरकारी बसें, 25 सितंबर से ‘सुगम’ सेवा

भोपाल-इंदौर से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत, 2030 तक 75% गांवों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य... रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597 मनावर। जिला धार ।।। मध्यप्रदेश में करीब 20…

20 साल बाद प्रदेश में फिर दौड़ेंगी सरकारी बसें, 25 सितंबर से ‘सुगम’ सेवा
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भोपाल-इंदौर से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत, 2030 तक 75% गांवों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य…

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार ।।। मध्यप्रदेश में करीब 20 साल बाद नई सरकारी परिवहन व्यवस्था शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में घोषणा की कि 25 सितंबर, अनंत चतुर्दशी से मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के तहत ‘सुगम’ बस सेवा शुरू की जाएगी।

सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों तक नियमित बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। नई व्यवस्था में यात्रियों की सुविधा के साथ परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने पर जोर रहेगा। इसके तहत डिजिटल टिकटिंग, रियल टाइम बस ट्रैकिंग, आधुनिक बस टर्मिनल और सड़क सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

भोपाल-इंदौर से होगी शुरुआत…

मुख्यमंत्री परिवहन सेवा को प्रारंभिक चरण में भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। इसके अनुभव के आधार पर सेवा का विस्तार प्रदेश के अन्य शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना सरकार की इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

ई-बसों पर भी रहेगा जोर…

परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) को भी बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार के अनुसार ई-बसों के उपयोग से हर साल करीब 70 हजार टन कार्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य है। इससे सार्वजनिक परिवहन को सुविधाजनक बनाने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

करीब दो दशक बाद सरकारी परिवहन व्यवस्था की वापसी को प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।