डोंबरेवाड़ी में अब पोल्ट्री के साथ अवैध 'वराह पालन ' (सूअर फार्म) का उपद्रव; तीव्र दुर्गंध के कारण ग्रामीण आक्रामक, महामारी फैलने की आशंका! ✍️ रिपोर्टर: काशिनाथ देसले ठाणे
तालुका रिपोर्टर किशोर पवार मुरबाड
दिनांक 22/10/2026
ठाणे, मुरबाड विशेष समाचार
दिनांक: 22/10/2026
जिला रिपोर्टर: काशिनाथ देसले, ठाणे
तालुका रिपोर्टर: किशोर पवार, मुरबाड
ठाणे, मुरबाड: विशेष समाचार पत्र
मुरबाड तालुका के कोळोशी ग्रामपंचायत सीमा के अंतर्गत आने वाले डोंबरेवाडी गांव के नागरिकों की समस्या अब और भी गंभीर हो गई है।
गांव में पहले से मौजूद पोल्ट्री फार्म की परेशानी में अब और इजाफा हो गया है, क्योंकि अब रिहायशी इलाके (लोकवस्ती) के बिल्कुल करीब शुरू हुए वराह पालन केंद्र (सूअर फार्म) के कारण परिसर में भारी गंदगी और असह्य दुर्गंध फैल गई है। इससे स्थानीय आदिवासी भाई-बहनों और ग्रामीणों का स्वास्थ्य पूरी तरह से खतरे में पड़ गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस वराह पालन केंद्र के कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मक्खियों और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। गांव में मलेरिया, डेंगू और पेट की गंभीर बीमारियाँ फैलने का गहरा डर पैदा हो गया है।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है, और दुर्गंध के कारण घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। इस परेशानी से तंग आकर ग्रामीणों ने अब इस वराह पालन केंद्र और पोल्ट्री फार्म को तुरंत गांव से हटाने की मांग की है।
प्रशासन की अनदेखी; ग्रामीणों में भारी आक्रोश! इस दोहरे संकट से परेशान डोंबरेवाडी के आदिवासी नागरिकों ने मुरबाड के तहसीलदार, पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी (BDO), स्थानीय पुलिस और तुळई स्वास्थ्य केंद्र को लिखित आवेदन (निवेदन) दिए हैं।
कोळोशी ग्रामपंचायत के सरपंच और ग्रामसेवक से भी बार-बार शिकायतें की गई हैं। लेकिन, इस अवैध वराह पालन केंद्र पर अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
तीव्र आंदोलन की चेतावनी:
ग्रामीणों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि, "गांव के बीचों-बीच इस तरह नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।" स्थानीय निवासियों ने 'नीड २४ न्यूज' के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर इस वराह पालन केंद्र और पोल्ट्री को बंद नहीं किया, तो पूरे डोंबरेवाडी के ग्रामीण सड़कों पर उतरकर तीव्र धरना (ठिय्या) आंदोलन करेंगे।
