बानसूर। भारतीय जनता पार्टी में अक्सर टिकट वितरण के बाद नाराजगी और बगावत की खबरें सामने आती हैं, लेकिन बानसूर क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जो भाजपा के अनुशासन और कार्यकर्ता की निष्ठा की मिसाल बन गई है।
राजस्थान सेवानिवृत कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, वसुंधरा राजे समर्थक मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भाजपा के सक्रिय और वरिष्ठ नेता वैद्य बृजमोहन शर्मा को इस बार जिला परिषद सदस्य का टिकट नहीं मिला, लेकिन टिकट कटने के बाद भी उनके तेवरों में न तो नाराजगी दिखी और न ही निराशा। इसके उलट उन्होंने जो बयान दिया है, उसने पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए एक नजीर पेश की है।
वैद्य बृजमोहन शर्मा ने कहा कि मैं जीवन भर भाजपा का एक सामान्य कार्यकर्ता रहा हूँ और मेरा रोम-रोम भाजपा की विचारधारा के लिए समर्पित है। टिकट मिलना या न मिलना यह मेरा फैसला नहीं है, यह पार्टी हाईकमान का अधिकार है और हाईकमान जो भी निर्णय लेता है वह पार्टी और संगठन के हित में ही लेता है। मेरा टिकट कटा है, मेरी निष्ठा नहीं कटी है।
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से ही सक्रिय राजनीती, आपातकाल का दंश और ज़्यादती झेलते हुए जाँच कार्य से गुजरा और राज कर्मचारी के रूप मे प्रदेश स्तर पर कर्मचारी व मजदूरों के हितो के लिए सदैव मुखर रहकर एक पहचान बनाई है और 2003 से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के नेतृत्व मे भाजपा के लिए काम कर रहा हूँ यही मेरी विचारधारा है विचारधारा के खिलाफ मै नही जा सकता।
वैद्य शर्मा ने अपने समर्थकों को भी स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि कोई भी कार्यकर्ता नाराज न हो और न ही पार्टी के खिलाफ कोई टिप्पणी करे। सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को जिताने में अपनी पूरी ताकत लगा दें। उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी मुझे आगे देगी, मैं उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा, क्योंकि मेरे लिए पद नहीं, बल्कि कमल का निशान और संगठन सर्वोपरि है।
उनके इस बयान के बाद क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में वैद्य बृजमोहन शर्मा की छवि एक अनुशासित, निष्ठावान और सच्चे सिपाही के रूप में और भी मजबूत हो गई है।
