संवाददाता निलेश कलसकर अखंड भारत न्यूज़ पांढुर्णा
पांढुर्णा। खरीफ फसलों को हुए नुकसान और बारिश की कमी से किसानों के सामने पैदा हुई आर्थिक परेशानियों को लेकर कांग्रेस ने पांढुर्णा में किसानों के साथ प्रदर्शन किया। पूर्व सांसद नकुलनाथ के नेतृत्व में संत जगनाडे चौक से पैदल मार्च निकाला गया। इसके साथ बैलगाड़ी यात्रा भी निकाली गई, जिसमें किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
रैली कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ को किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस ने पांढुर्णा जिले की मौजूदा कृषि परिस्थितियों को देखते हुए जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान नकुलनाथ ने कहा कि बारिश की कमी और फसल उत्पादन प्रभावित होने से किसान आर्थिक संकट में हैं। ऐसे समय में सरकार को किसानों को राहत देने के लिए तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने फसल नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
किसानों के लिए आर्थिक सहायता और कर्ज राहत की मांग
कांग्रेस ने आगामी खेती की तैयारी के लिए प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग रखी। वहीं मक्का की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने के साथ किसानों को अतिरिक्त बोनस देने की मांग भी उठाई गई।
किसानों पर कर्ज वसूली रोकने, बिजली बिल में राहत देने तथा खेती और सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। कांग्रेस ने कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों से हुए नुकसान का भार किसानों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
भुली जलाशय प्रभावितों को चार गुना मुआवजा
प्रदर्शन के दौरान भुली जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नकुलनाथ ने कहा कि परियोजना से प्रभावित किसानों को उनकी जमीन के बदले चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से प्रभावित किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुआवजे के संबंध में उचित निर्णय लेने की मांग की।
नकुलनाथ ने किसानों की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए सरकार से राहत के ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकार और उनकी समस्याओं को लेकर कांग्रेस आगे भी आवाज उठाती रहेगी।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर सरकार के समक्ष जल्द निर्णय लेने की मांग रखी।
