संवाददाता निलेश कलसकर अखंड भारत न्यूज़ पांढुरना
-भंदारगोंदी, जिला पांढुर्णा। नवदुर्गा उत्सव के अवसर पर देवखापा-भंदारगोंदी में प्रस्तुत की गई देशभक्ति से ओतप्रोत झांकी ने ग्रामीणों और दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
झांकी में कारगिल विजय की वीरगाथा तथा भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया गया। इस झांकी की सबसे खास और गौरवपूर्ण बात यह रही कि इसमें जवानों की भूमिका निभाने वाले युवक देवखापा-भंदारगोंदी के ही स्थानीय युवा हैं, जो वर्तमान में देश की सेवा में तैनात हैं।
देश की सीमाओं की सुरक्षा में अपना योगदान देने वाले इन जवानों ने जब गांव में सैनिकों की वेशभूषा में कारगिल के वीरों की गाथा प्रस्तुत की तो पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। पिछले वर्ष भी आकर्षण का केंद्र बनी थी झांकी
देवखापा-भंदारगोंदी में झांकी प्रस्तुत करने की यह परंपरा पिछले वर्ष भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रही थी।
पिछले वर्ष प्राथमिक शासकीय विद्यालय की थीम पर तैयार की गई झांकी को देखने के लिए जिला पांढुर्णा सहित दूर-दूर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। उस झांकी की भी लोगों ने जमकर सराहना की थी।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष स्थानीय युवाओं ने शहीद जवानों और कारगिल विजय की वीरगाथा को केंद्र में रखकर झांकी तैयार की। झांकी में भारतीय जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान के साथ देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले जवानों के परिवारों के त्याग और भावनाओं को भी मार्मिक रूप से प्रस्तुत किया गया।
इस वर्ष की झांकी को भी ग्रामीणों और आसपास से पहुंचे दर्शकों की ओर से खूब सराहना मिली। झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश की रक्षा के लिए जवान अपने परिवार, गांव और सुख-सुविधाओं से दूर रहकर राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हैं।
देवखापा-भंदारगोंदी के स्थानीय युवाओं का स्वयं देशसेवा में तैनात होना इस प्रस्तुति को और भी खास बना देता है। झांकी देखने पहुंचे लोगों ने कहा कि गांव के बेटों को देश की वर्दी में देखकर हर ग्रामीण का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
लगातार दूसरे वर्ष झांकी का आकर्षण और लोगों की सराहना यह दर्शाती है कि यहां के युवा धार्मिक उत्सव को सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति के संदेश से जोड़ने का सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। ऐसी प्रस्तुतियां न केवल दर्शकों को आकर्षित करती हैं, बल्कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, शहीदों के प्रति सम्मान और सेना में सेवा करने की प्रेरणा भी पैदा करती हैं।
