उपड़ी में बनेगा इंडोर-आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स.. कलेक्टर ने जारी किया आदेश; सीमांकन और कब्जा सौंपने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश…
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार। मनावर क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ग्राम उपड़ी तहसील मनावर स्थित शासकीय भूमि में से 2 हेक्टेयर भूमि इंडोर-आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग, धार को आवंटित करने का आदेश जारी किया गया है। धार कलेक्टर द्वारा 7 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में भूमि आवंटन के साथ उसके सीमांकन, राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने और विभाग को कब्जा सौंपने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से स्थानीय युवाओं को खेल अभ्यास के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है। जयस के राष्ट्रीय संरक्षक एवं मनावर विधायक डॉ हिरालाल अलावा के अथक प्रयासों से इनडोर स्टेडियम के लिए भूमि आवंटन को स्वीकृति मिली है। जिन्होंने जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से आवाज उठाई क्षेत्रवासियों के लिए यह एक अनुपम सौगात होगी।
*60.171 हेक्टेयर शासकीय भूमि में से हुआ आवंटन*
कलेक्टर कार्यालय के आदेश के अनुसार ग्राम उपड़ी, तहसील मनावर स्थित भूमि खसरा क्रमांक 133/1/1 का कुल रकबा 60.171 हेक्टेयर है। इसमें से पक्की क्षेत्रफल की 2.000 हेक्टेयर निस्तार चरनोई भूमि को खेल परिसर निर्माण के लिए आवंटित करने की अनुशंसा की गई थी। संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण और जांच करने के बाद प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया।
जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि प्रस्तावित भूमि पर कोई निर्माण नहीं है। भूमि पर वन विभाग का कब्जा, रास्ता, सड़क या पगडंडी होने की बात भी प्रतिवेदन में नहीं पाई गई। स्थल निरीक्षण के दौरान भूमि मौके पर रिक्त बताई गई। इसके आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनावर की अनुशंसा और संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद भूमि आवंटन की कार्रवाई की गई।
*नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश-2020 के तहत आदेश*
आदेश मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश-2020 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किया गया है। इसमें निर्देश-2020 की कंडिका 8(3) के तहत गठित जिला नजूल निर्वर्तन समिति के समक्ष भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति की प्रक्रिया का उल्लेख है। आदेश में कंडिका-14 के अनुसार समिति द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण भी संलग्न बताया गया है।
कलेक्टर के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आवंटित भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य यानी इंडोर-आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए ही किया जाएगा। अन्य प्रयोजन के लिए भूमि का उपयोग किए जाने पर आवंटन आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा और भूमि राजस्व विभाग में वापस ली जा सकेगी।
*पांच प्रमुख शर्तों के साथ भूमि आवंटित*
भूमि आवंटन के साथ विभाग के लिए कई शर्तें निर्धारित की गई हैं। इनमें प्रस्तावित भूमि का लेआउट प्लान, साइट प्लान और डीपीआर तैयार कर प्रस्तुत करना शामिल है। प्रस्तावित योजना का जिला कलेक्टर से अनुमोदन कराना भी अनिवार्य रहेगा।
आदेश के अनुसार यदि राज्य शासन के राजस्व विभाग अथवा ऑडिट निरीक्षण दल द्वारा आवंटित भूमि पर किसी प्रीमियम या भू-भाटक का निर्धारण किया जाता है अथवा ऑडिट आपत्ति आती है, तो नियमानुसार निर्धारित राशि आवेदक संस्था को शासकीय कोषालय में जमा करानी होगी।
इसके अलावा भूमि का उपयोग निर्धारित अवधि में करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में निर्माण कार्य नहीं होने की स्थिति में आवंटन की अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। इन शर्तों का पालन करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी।
*सीमांकन कराकर सौंपा जाएगा कब्जा*
आदेश के साथ जारी निर्देशों में जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, धार को आवंटित शासकीय भूमि का सीमांकन करवाकर तहसीलदार से कब्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है। तहसीलदार मनावर को भी निर्देशित किया गया है कि भूमि का सीमांकन कराकर शासकीय भू-अभिलेखों, खसरा, नक्शा और संबंधित राजस्व दस्तावेजों में आदेश के अनुसार अमल-दरामद कराया जाए।
भूमि की पहचान और सीमांकन के बाद लाल स्याही से दर्शाते हुए कब्जा रसीद सहित संबंधित दस्तावेज तैयार कर विभाग को सौंपने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। आदेश की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग, भोपाल, आयुक्त इंदौर संभाग, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनावर तथा तहसीलदार मनावर को भी भेजी गई है।
*खिलाड़ियों और युवाओं को मिल सकती है बेहतर सुविधा*
मनावर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जाती रही है। ऐसे में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए भूमि आवंटन को खेल अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा सकता है।
हालांकि, फिलहाल आदेश में भूमि आवंटन और आगे की प्रक्रिया के निर्देश दिए गए हैं। परिसर का निर्माण कब शुरू होगा, इसमें कौन-कौन सी खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी और परियोजना की लागत कितनी होगी, इसकी जानकारी आदेश में उल्लेखित नहीं है। अब आगे की प्रक्रिया और प्रस्तावित योजना के अनुमोदन के बाद ही निर्माण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
