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Dharक्राइममध्य प्रदेश

बिजली कटौती से किसानों में आक्रोश, रात 1 बजे ग्रिड पर जुटे 300 किसान

विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने दी आंदोलन की चेतावनी.. किसानों ने कहा—नवरात्रि में पंडाल अंधेरे में, फसलों की सिंचाई भी प्रभावित... रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597 मनावर। जिला…

बिजली कटौती से किसानों में आक्रोश, रात 1 बजे ग्रिड पर जुटे 300 किसान
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विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने दी आंदोलन की चेतावनी.. किसानों ने कहा—नवरात्रि में पंडाल अंधेरे में, फसलों की सिंचाई भी प्रभावित…

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नवरात्रि उत्सव के बीच बिजली की अघोषित कटौती और फसलों की सिंचाई में आ रही परेशानी से नाराज बाकानेर क्षेत्र के करीब 300 किसान रात 1 बजे बाकानेर ग्रिड पर एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने बिजली कटौती तत्काल बंद कर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति की मांग की। किसानों का आरोप है कि रातभर इंतजार करने के बावजूद सुबह तक कोई वरिष्ठ अधिकारी उनसे चर्चा करने नहीं पहुंचा। वहीं, कार्यपालन यंत्री कलम सिंह तड़वाल पर किसानों से अभद्र व्यवहार करने और संतोषजनक जवाब नहीं देने के आरोप भी लगाए गए।

*मिर्जापुर ग्रिड से जुड़े गांवों में परेशानी*

बिजली कटौती से मिर्जापुर ग्रिड के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाकानेर, मिर्जापुर, कुवाली, जलखेड़ा, बड़दा, रतवा, मलंगांव, अजंदा और पिपरीमान सहित आसपास के गांवों के किसान बिजली समस्या को लेकर ग्रिड पर पहुंचे। किसानों का कहना है कि वर्तमान में फसलें महत्वपूर्ण अवस्था में हैं और उन्हें नियमित सिंचाई की जरूरत है। ऐसे समय में बार-बार बिजली बंद होने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।

*विधायक डॉ. हीरालाल अलावा पहुंचे, आंदोलन की चेतावनी दी*

किसानों के धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. हीरालाल अलावा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर समस्या का समाधान करने की बात कही। विधायक ने चेतावनी दी कि नवरात्रि उत्सव के दौरान बिजली कटौती बंद नहीं की गई तो किसानों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और मांगों की अनदेखी होने पर उत्पन्न स्थिति के लिए विभाग जिम्मेदार रहेगा।

*एसडीएम ने किसानों से की चर्चा*

धरना स्थल पर एसडीएम प्रमोद गुर्जर भी पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कार्यपालन यंत्री कलम सिंह तड़वाल से किसानों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनने के लिए कहा। एसडीएम ने कहा कि मोबाइल बंद रहने या किसानों से बातचीत नहीं होने से समस्या का समाधान नहीं होगा। अधिकारियों को किसानों की परेशानी समझकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

*कार्यपालन यंत्री बोले—मोबाइल डिस्चार्ज था*

बिजली कटौती को लेकर उठे विवाद पर कार्यपालन यंत्री कलम सिंह तड़वाल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उनका मोबाइल डिस्चार्ज हो गया था, इसलिए किसानों से बात नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों की उच्च अधिकारियों से चर्चा करवाकर समस्या का समाधान निकालने की बात कही गई है। साथ ही शाम 6 बजे से रात 1 बजे तक बिजली कटौती नहीं हो, इस संबंध में भी उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है।

*अंधेरे में डूबे नवरात्रि पंडाल, महिलाएं भी नाराज*

किसानों ने बताया कि नवरात्रि के दौरान गांवों में माता के पंडाल सजाए गए हैं, जहां प्रतिदिन आरती, गरबा और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। लेकिन बिजली कटौती के कारण इन आयोजनों में व्यवधान आ रहा है। रात के समय अंधेरा रहने से श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को परेशानी होती है। किसानों का कहना है कि बिजली नहीं मिलने से पंडालों में उत्साह भी प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीण महिलाओं में भी बिजली कटौती को लेकर नाराजगी है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे भी किसानों के साथ आंदोलन में शामिल होकर प्रदर्शन करेंगी।

*ज्ञापन में की निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग*

किसानों और ग्रामीणों ने विद्युत वितरण केंद्र मनावर के सहायक अभियंता को संबोधित ज्ञापन में मिर्जापुर ग्रिड क्षेत्र में लोड शेडिंग तत्काल बंद करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि एक ओर किसानों की फसलों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर नवरात्रि का पर्व चल रहा है। ऐसे में अघोषित बिजली कटौती से कृषि कार्यों के साथ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि किसानों की फसलों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए। विशेष रूप से शाम और रात के समय ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नवरात्रि पंडालों में आरती, गरबा और धार्मिक अनुष्ठान सुचारु रूप से हो सकें।

*किसानों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी*

धरना-प्रदर्शन में किसान गणेश पाटीदार, अंकित तोमर, नीलेश पाटीदार, किसान मोर्चा अध्यक्ष परसराम धनगर, रोहित पटेल, कुंदन पाटीदार, प्रदीप पाटीदार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती नहीं हो रही है तो ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार बिजली क्यों बंद की जा रही है। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच भेदभाव नहीं करने की मांग की।

किसानों ने स्पष्ट किया कि बिजली कटौती की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के किसान बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अब किसानों की नजर बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों की कार्रवाई और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में होने वाले सुधार पर है।