शारदीय नवरात्रि: माँ दुर्गा की आराधना से नारी शक्ति का जागरण….
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। भारतीय संस्कृति में शारदीय नवरात्रि शक्ति, श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन पर्व है। माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना हमें जीवन में साहस, संयम, धैर्य, करुणा और आत्मविश्वास अपनाने की प्रेरणा देती है। ये नौ दिन केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर की शक्ति को पहचानने और समाज के प्रति अपने दायित्वों का संकल्प लेने का समय भी हैं। उक्त बात सावित्री ठाकुर केंद्रीय राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं सांसद धार-महू लोकसभा क्षेत्र ने देशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व का प्रत्येक दिन एक विशेष संदेश लेकर आता है। माँ शैलपुत्री दृढ़ संकल्प, माँ ब्रह्मचारिणी तपस्या और अनुशासन, माँ चंद्रघंटा साहस तथा माँ कूष्मांडा सृजनशीलता की प्रेरणा देती हैं। माँ स्कंदमाता वात्सल्य, माँ कात्यायनी अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, माँ कालरात्रि निर्भयता, माँ महागौरी पवित्रता और माँ सिद्धिदात्री साधना की पूर्णता का संदेश देती हैं।
व्रत, ध्यान, मंत्र-जप और सेवा के माध्यम से हम मन को एकाग्र कर सकते हैं तथा अपने जीवन में सकारात्मकता और अनुशासन ला सकते हैं। सच्ची साधना वही है, जो हमारे विचारों को शुद्ध करे, व्यवहार में संवेदनशीलता लाए और हमें दूसरों के कल्याण के लिए प्रेरित करे।
*माँ की आराधना और नारी शक्ति का सम्मान*
भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। माँ दुर्गा का स्वरूप हमें याद दिलाता है कि नारी में ममता और करुणा के साथ साहस, नेतृत्व और संघर्ष की अद्भुत क्षमता भी विद्यमान है। आज महिलाएँ शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, उद्यमिता, कृषि और राजनीति सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परिचय दे रही हैं।
नारी शक्ति का वास्तविक सम्मान केवल देवी की पूजा तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके निर्णयों का सम्मान करने और भेदभाव से मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयास ही माँ की आराधना को वास्तविक अर्थ प्रदान करते हैं।
जब एक महिला शिक्षित और आत्मनिर्भर बनती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए महिला सशक्तीकरण केवल महिलाओं के विकास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है।
*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नारी सम्मान से राष्ट्र निर्माण तक: महिला एवं बाल विकास की नई दृष्टि*
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और अवसरों से परिपूर्ण वातावरण तैयार करना है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता जैसे विषय हमारे सामूहिक प्रयासों की प्राथमिकता हैं।
महिला सशक्तीकरण को राष्ट्र के विकास का अभिन्न अंग बनाने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जी द्वारा अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। सरकार की सोच महिलाओं के विकास तक सीमित न रहकर उन्हें विकास का नेतृत्वकर्ता बनाने की है।
इसी दिशा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ ऐतिहासिक पहल है, जिसके माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई अर्थात 33 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान किया गया। यह पहल देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और निर्णय-निर्माण में उनकी भूमिका सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
केंद्र सरकार ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के साथ उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करता है। मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और सशक्तीकरण पर केंद्रित है, जबकि मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 मातृ एवं बाल पोषण को मजबूती प्रदान करता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पात्र गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
*नवरात्रि पर लें नारी सम्मान और सेवा का संकल्प*
शारदीय नवरात्रि हमें सिखाती है कि शक्ति का वास्तविक अर्थ केवल सामर्थ्य नहीं, बल्कि उसका उपयोग सत्य, न्याय और लोककल्याण के लिए करना है। इस पावन अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देंगे, महिलाओं के योगदान का सम्मान करेंगे और जरूरतमंद बच्चों एवं महिलाओं की सहायता के लिए आगे आएँगे। इन नौ दिनों की साधना को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाएँ। हमारी आस्था आत्मबल बने, हमारी भक्ति सेवा का मार्ग प्रशस्त करे और हमारे संकल्प महिला सशक्तीकरण तथा बाल कल्याण को नई दिशा दें। माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि उनकी कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आए, प्रत्येक महिला को आत्मसम्मान एवं आत्मनिर्भरता की शक्ति मिले और प्रत्येक बेटी अपने सपनों को साकार कर सके। हम सब मिलकर एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें, जहाँ नारी का सम्मान हो, बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो और समान अवसर प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचें।
