नारी जागरण सम्मेलन में सोना दीदी ने कहा- हम बदलेंगे तो घर बदलेगा, संस्कृति बचाने युवा आगे आएं…
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में तहसील संगठन मनावर द्वारा रविवार को ग्राम टेमरिया में मातृ नवमी के अवसर पर पितरों के निमित्त एक दिवसीय सामूहिक साधना, श्राद्ध तर्पण, पंचकुंडी गायत्री महायज्ञ एवं नारी जागरण सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गायत्री परिवार की वक्ता सोना दीदी, जिला संयोजक हीरालाल पाटीदार एवं सहदेव पाटीदार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक साधना एवं श्राद्ध तर्पण से हुई। इसके बाद ग्रामीणों एवं गायत्री परिवार के परिजनों ने गायत्री परिवार के जयघोष के साथ गांव में रैली निकाली। इसके पश्चात पंचकुंडी गायत्री महायज्ञ संपन्न हुआ।
*संस्कृति की रक्षा के लिए युवा आगे आएं*
नारी जागरण सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोना दीदी ने कहा कि भारत देवभूमि है और हमें इसकी आन-बान-शान तथा संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव से नई पीढ़ी को बचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "मर जाएंगे, मिट जाएंगे, लेकिन अपनी संस्कृति नहीं छोड़ेंगे।"
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रातःकाल माता-पिता को प्रणाम करने की परंपरा रही है। यदि हम अपने माता-पिता को प्रणाम करेंगे तो हमारे बच्चे भी देखकर सीखेंगे। देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के जीवन में गुरु आ जाता है, उसका जीवन सही दिशा में आगे बढ़ने लगता है।
सोना दीदी ने कहा, "हम बदलेंगे तो घर बदलेगा और हम सुधरेंगे तो घर सुधरेगा।" परिवार एवं समाज को सही दिशा देने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
*भजन-संगीत के साथ हुआ समापन*
पंचकुंडी गायत्री महायज्ञ गिरधारी लाल मालवीया एवं बादल भालके ने संपन्न कराया। भजन एवं संगीत की प्रस्तुति विजय सिंह सोलंकी एवं गोपाल मौर्य ने दी। संचालन एवं आभार प्रदर्शन अखिलेश जायसवाल ने किया।
कार्यक्रम में भारत मंडलोई, लक्ष्मण रावत, आशीष जायसवाल, सागर सिंह मंडलोई, राकेश कनासे सहित अनेक कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा। गायत्री परिवार के सुखदेव राठौड़, आशीष जायसवाल, ओंकार कनेल, भूरेसिंह सोलंकी, हंसा जायसवाल, ममता राठौड़ सहित देवरा, खंडलाई, सीतापुरी, चिराखान एवं आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के परिजन शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन सामूहिक सहभोज के साथ हुआ।
