बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण पर घमासान: सर्वोदय जनकल्याण कॉलेज पर फर्जीवाड़े का आरोप, केंद्र न बनाने की मांग
शिकायतकर्ता का आरोप— अपंजीकृत और फेल छात्रों को पास कराकर मेरिट में लाने का चल रहा खेल
जांच अधिकारी पर भ्रामक आख्या लगाने की आशंका, डीएम से निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार
बरेली (आंवला)। आगामी यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया के बीच भमोरा क्षेत्र के एक कॉलेज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्षेत्र के ग्राम खेड़ा (भमोरा) निवासी हरीशंकर गुप्ता ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर सर्वोदय जनकल्याण इण्टर कॉलेज खेड़ा को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने की मांग की है। आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से अपंजीकृत एवं फेल विद्यार्थियों को स्वकेंद्र का लाभ देकर अनुचित तरीके से परीक्षा में शामिल कराने और मेरिट सूची में लाने का खेल चल रहा है।
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में बताया कि विद्यालय की अनियमितताओं के संबंध में पूर्व में 23 मई 2026 सहित कई तिथियों में शासन व विभागीय स्तर पर साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर जांच प्रचलित है। इसी कड़ी में 3 नवंबर 2026 को जांच अधिकारी द्वारा शिकायती पत्र के संलग्नकों की जांच की गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच अधिकारी तथ्यों की अनदेखी कर भ्रामक आख्या लगा रहे हैं और उनका पक्ष सुनने के लिए संपर्क करने पर फोन तक रिसीव नहीं कर रहे हैं। साफ्टवेयर से प्रस्तावित सूची में शामिल होने पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता का कहना है कि पूर्व में कई स्तरों पर शिकायतें लंबित होने के बावजूद विभागीय स्वचालित सॉफ्टवेयर द्वारा प्रस्तावित सूची में उक्त विद्यालय को ‘नकल विहीन व अच्छी छवि’ वाले परीक्षा केंद्र के रूप में चुन लिया गया है।
चूंकि अंतिम परीक्षा केंद्रों की सूची पर 6 नवंबर 2026 को अंतिम संस्तुति होनी है, ऐसे में बिना निष्पक्ष जांच निष्कर्ष के केंद्र निर्धारण बोर्ड परीक्षा नीति के विपरीत होगा। मांग की गई है कि इस विद्यालय को केंद्र न बनाकर पूर्व की भांति आदर्श इण्टर कॉलेज रम्पुरा बुजुर्ग या किसी अन्य राजकीय विद्यालय में ही परीक्षा केंद्र आवंटित रखा जाए।
प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न किए कई साक्ष्य
शिकायत के साथ हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट के कथित अपंजीकृत छात्रों की सूची, प्रवेश पत्र तथा विरोधाभासी परीक्षा परिणामों के दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2025 की हाईस्कूल परीक्षा (रोल नंबर 1250723043) सहित पूर्व वर्षों में विद्यालयी आंतरिक परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण रहे छात्र-छात्राओं के बोर्ड परीक्षा में अचानक अच्छे अंक प्राप्त करने जैसे कई मामले सामने हैं।
इसके अतिरिक्त एक ही छात्र के दोहरे पंजीकरण व बिना वैध अभिलेखों के परीक्षा में बैठाए जाने के साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए हैं। मामले की प्रतिलिपि जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) बरेली, संयुक्त शिक्षा निदेशक (तृतीय मंडल) तथा माध्यमिक शिक्षा निदेशक लखनऊ को भी प्रेषित कर गहन जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
