महाआरती, यज्ञ-अनुष्ठान और कन्या पूजन के साथ मनाई नवरात्रि की पूर्णाहुति, श्रद्धालुओं को बांटी महाप्रसादी
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर देवी मंदिरों तथा गरबा पांडालों में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। मां दुर्गा की आराधना के साथ महाआरती, यज्ञ-अनुष्ठान, कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन हुआ। मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। धार्मिक आयोजनों के दौरान महाप्रसादी का वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
नवरात्रि के अंतिम दिनों में नगर के प्रमुख देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रही। मां के जयकारों, आरती के भक्तिमय स्वर और धार्मिक मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आए। श्रद्धालुओं ने माता रानी के चरणों में शीश नवाकर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। गरबा पांडालों में भी देवी आराधना के साथ धार्मिक उत्साह दिखाई दिया।
*महाअष्टमी पर शक्ति स्वरूपा मां की आराधना, नवमी पर कन्या पूजन*
शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि का सनातन धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इन दिनों मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर भक्त शक्ति, साहस, सद्बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं। नगर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। कई स्थानों पर हवन-यज्ञ के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बनाया गया।
नवमी तिथि पर कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन विशेष आकर्षण रहा। सनातन परंपरा में कन्याओं को देवी शक्ति का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है। श्रद्धालुओं ने कन्याओं के चरण पूजन कर उन्हें भोजन कराया और उपहार भेंट किए। इसके बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई। इन आयोजनों के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सेवा, समर्पण और संस्कारों का संदेश भी दिया गया।
*मंगला देवी से चामुंडा माता तक मंदिरों में उमड़ी आस्था*
नगर के प्राचीन एवं प्रमुख श्री मंगला देवी मंदिर, श्री चामुंडा देवी मंदिर, श्री दुर्गा देवी मंदिर और श्री गायत्री मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों में नवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में माता के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने नारियल, पुष्प, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मां मंगला देवी और मां चामुंडा के दरबार में शक्ति आराधना का विशेष महत्व रहा। वहीं मां दुर्गा के मंदिर में भक्तों ने देवी के नौ स्वरूपों का स्मरण करते हुए पूजा की। गायत्री मंदिर में भी आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने मां गायत्री की आराधना कर परिवार और समाज में सद्भाव, शांति तथा सकारात्मक विचारों की प्रार्थना की।
*देदला की कालिका माता और सिंघाना के हरसिद्धि धाम में भी धार्मिक आयोजन*
मनावर क्षेत्र के ग्राम देदला स्थित प्राचीन कालिका माता मंदिर में भी शारदीय नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। वहीं सिंघाना स्थित श्री हरसिद्धि मंदिर में देवी आराधना के साथ धार्मिक उत्साह का वातावरण रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु देवी मंदिरों में पहुंचे और परिवार की सुख-शांति एवं क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
देवी मंदिरों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों ने ग्रामीण एवं शहरी अंचल की धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखा। नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों में पूजा-अर्चना, हवन, कन्या पूजन और प्रसादी वितरण जैसे आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था व्यक्त की।
*धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है नवरात्रि*
शारदीय नवरात्रि केवल देवी आराधना का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु संयम, साधना और भक्ति के माध्यम से आत्मिक शांति प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। कन्या पूजन नारी शक्ति के सम्मान का संदेश देता है, वहीं सामूहिक आरती और महाप्रसादी वितरण समाज में एकता एवं सद्भाव को मजबूत करते हैं।
मनावर नगर और आसपास के क्षेत्रों में अष्टमी-नवमी पर हुए धार्मिक आयोजनों ने इसी आध्यात्मिक परंपरा को साकार किया। मां दुर्गा की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने धर्म, सेवा और संस्कारों के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। माता रानी के जयकारों के बीच नवरात्रि का समापन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में हुआ।
