80 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस, अछोदा पुनर्वास स्थित आश्रम में शिष्यों ने दी समाधि.. 23 अक्टूबर तक प्रतिदिन ध्यान-योग के माध्यम से दी जाएगी श्रद्धांजलि, 24 अक्टूबर को ध्यान श्रद्धांजलि एवं भंडारे का आयोजन…
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। योगी नरहरि ध्यान एवं योग आश्रम, अछोदा पुनर्वास के संस्थापक एवं श्रीमद्भागवत महापुराण के आध्यात्मिक टीकाकार योग गुरु योगी नरहरि जी 80 वर्ष की आयु में गुरुवार, 15 अक्टूबर को ब्रह्मलीन हो गए। उनके ब्रह्मलीन होने का समाचार मिलते ही शिष्यों एवं अनुयायियों में शोक की लहर छा गई। गुरुदेव के अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में शिष्य और अनुयायी आश्रम पहुंचे।
गुरुदेव की मंशानुरूप आश्रम परिसर में शांति पाठ किया गया। इसके पश्चात उपस्थित शिष्यों एवं अनुयायियों ने श्रद्धा के साथ उन्हें समाधि दी। इस दौरान आश्रम का वातावरण भावुक और आध्यात्मिक रहा। शिष्यों ने गुरुदेव के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
*ध्यान-योग के माध्यम से दी जाएगी श्रद्धांजलि*
आश्रम संचालक एवं शिष्य राम शर्मा ने बताया कि गुरुदेव के ब्रह्मलीन होने के बाद उनके प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करने के लिए आश्रम में विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी 23 अक्टूबर तक प्रतिदिन सायंकाल शिष्य ध्यान-योग के माध्यम से गुरुदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर को दसवें दिवस ध्यान श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें शिष्य, अनुयायी एवं श्रद्धालु शामिल होकर गुरुदेव को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
योगी नरहरि जी ने अपने जीवन में ध्यान, योग एवं आध्यात्मिक चिंतन के माध्यम से साधकों का मार्गदर्शन किया। उनके ब्रह्मलीन होने से आश्रम परिवार एवं अनुयायियों में शोक का वातावरण है। श्रद्धालु उनके आध्यात्मिक विचारों, शिक्षाओं और साधना परंपरा को स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
