बानसूर (कोटपूतली-बहरोड़)। पूर्व मंत्री रोहिताश्व कुमार ने गुरुवार को बानसूर में प्रेस वार्ता कर नगर पालिका चुनाव परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि बानसूर की जनता ने भाजपा की भ्रष्ट सरकार के कारनामों से तंग आकर जो जनादेश दिया है, वह सराहनीय है। चुनाव में 17 निर्दलीय, 12 कांग्रेस और 6 भाजपा के पार्षद जीते हैं, इससे स्पष्ट है कि बानसूर की बुजुर्ग, नौजवान, महिला, भाई-बहनों ने भाजपा को पूरी तरह रिजेक्ट कर दिया है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की कमान पूर्व मंत्री शकुंतला रावत के हाथ में थी तो भाजपा की कमान वर्तमान विधायक देवी सिंह शेखावत के पास थी। मैं स्वयं संविधान को मजबूत करने और भाजपा को हराने के उद्देश्य से प्रचार कर रहा था। मेरा उद्देश्य यह नहीं था कि प्रधान या चेयरमैन कौन बने, यह काम जिनके हाथ में था उनका था।
उन्होंने आरोप लगाया कि धनबल, भू-माफिया, खनन माफिया, बजरी माफिया और बिजली माफिया ने मिलकर जनता के जनादेश को पलट दिया। जनता का प्रतिनिधि जनता की मर्जी से बने, इस लोकतांत्रिक मूल उद्देश्य को पैसे के दम पर उलट दिया गया। कई पार्षदों ने जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है।
रामलीला मैदान के कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि राम के नाम पर बनी पार्टी के लोगों ने राम को ही बदनाम कर दिया। राम मंदिर के चंदे तक खाने के आरोप लगाते हुए कहा कि प्राचीन मंदिर के पास रामलीला मैदान में भ्रष्ट लोगों को मालाएं पहनाई गईं, जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से बहुत पीड़ा हुई है।
नवगठित नगर पालिका बोर्ड पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बोर्ड बने 15-20 दिन हो गए, लेकिन कस्बे की सफाई और विकास के लिए एक कदम भी नहीं उठाया गया, न ही बोर्ड की बैठक बुलाई गई।
विपक्ष की भूमिका पर उन्होंने पूर्व मंत्री शकुंतला रावत पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह नाकाम रही हैं।
