संवाददाता निलेश कलसकर अखंड भारत न्यूज़ पांढुरना
पांढुर्णा। शहर के रानी दुर्गावती वार्ड में बनाए जा रहे चक्रवर्ती राजा भोज कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और पार्षदों का आरोप है कि कॉम्प्लेक्स की नींव में मानक सामग्री की जगह पुराने भवनों से निकला मलबा भरा जा रहा है।
नगरपालिका परिषद द्वारा इस कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। इसका भूमिपूजन सांसद विवेक 'बंटी' साहू द्वारा किया गया था। इस परियोजना से शहर में रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
आरोप है कि स्वीकृत एस्टीमेट में फाउंडेशन में लाल मुरम भरने का प्रावधान है, लेकिन मौके पर पुराने फायर स्टेशन, साइंस कॉलेज भवन और सीएमओ बंगले की तोड़फोड़ से निकले ईंट, सीमेंट और डस्ट युक्त मलबे का उपयोग किया जा रहा है। इससे भविष्य में इमारत की मजबूती पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ठेकेदार पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बताया जा रहा है कि संबंधित ठेकेदार द्वारा पहले किए गए एक रिटेनिंग वॉल के निर्माण में भी गुणवत्ता में कमी पाई गई थी। उस समय मुख्य नगरपालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले ने गुणवत्ता सुधारने, दीवार को दोबारा बनाने और 4.50 लाख रुपये जुर्माना लगाने के निर्देश दिए थे।
पार्षदों ने उठाई जांच की मांग
वार्ड पार्षद यादवराव ढोबले ने कहा कि "राजा भोज परिसर की नींव मजबूत होगी तो ही ऐतिहासिक कॉम्प्लेक्स का सपना पूरा होगा। जानकारी मिली है कि फाउंडेशन में पुराना मलबा भरा जा रहा है। हम मुख्य नगरपालिका अधिकारी से जांच की मांग करेंगे और समय रहते मानक मिट्टी भरवाई जाए।"
वहीं नगरपालिका के उपयंत्री विवेक बेलिया ने कहा कि "मामला जानकारी में आया है, मौका स्थल का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति समझ कर कार्रवाई करेंगे।"
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के विकास से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
