मंगला देवी से बालीपुर धाम तक नवरात्रि का उल्लास; मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चन, आरती और अनुष्ठान, गरबा पांडालों में सजेगी भक्ति की शक्ति….
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। आदि शक्ति मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और साधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। प्रथम दिन घट स्थापना के साथ ही मनावर सहित आसपास का पूरा क्षेत्र मां भगवती की भक्ति में लीन हो जाएगा। नौ दिनों तक घर-घर में पूजा-अर्चना, देवी मंदिरों में विशेष अनुष्ठान, सुबह-शाम आरती, भजन-कीर्तन और माता के जयकारों की गूंज सुनाई देगी। नगर के गरबा पांडालों में भी भक्ति, उल्लास और पारंपरिक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
नवरात्रि केवल नौ दिनों का धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, श्रद्धा, साधना और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का उत्सव है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ भक्त सुख-समृद्धि, खुशहाली और लोकमंगल की कामना करेंगे। घरों में घट स्थापना कर अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित की जाएगी, वहीं मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ेगी।
*मंगला देवी से नौ देवियों तक, आस्था के नौ धाम*
पुण्य सलिला मां नर्मदा की पावन गोद और मान नदी के तट पर बसा मनावर धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं की विशिष्ट पहचान रखता है। यहां विराजित देवी मंदिर नगरवासियों की श्रद्धा के प्रमुख केंद्र हैं। नवरात्रि के अवसर पर इन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
नगर के प्राचीन मंगला देवीजी मंदिर से लेकर चामुंडा देवीजी, दुर्गा देवीजी, गायत्री माताजी, संतोषी माताजी, शीतला माताजी, अन्नपूर्णा देवीजी, सात मात्रा देवीजी और हड़की माताजी तक देवी आराधना की समृद्ध परंपरा पीढ़ियों से श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी हुई है।
प्रमुख देवी स्थलों में मंगला देवीजी मंदिर, चामुंडा देवीजी मंदिर, दुर्गा देवीजी मंदिर, गायत्री माताजी मंदिर, संतोषी माताजी-जागेश्वर मंदिर, जूनी मनावर स्थित शीतला माताजी मंदिर, अन्नपूर्णा देवीजी-थानेश्वर मंदिर, मानता गणेश मंदिर परिसर स्थित सात मात्रा देवीजी तथा धार रोड स्थित हड़की माताजी मंदिर शामिल हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में इन देवी स्थलों पर श्रद्धालु दर्शन-वंदन कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मंदिरों में गूंजती आरती, घंटियों की ध्वनि और जय माता दी के उद्घोष से नगर की गलियां भी धर्ममय नजर आएंगी।
*सिंघाना से बाकानेर और बालीपुर धाम तक भक्ति की धारा*
मनावर के आसपास के धार्मिक स्थलों पर भी नवरात्रि का विशेष उल्लास रहेगा। सिंघाना स्थित हरसिद्धि माताजी मंदिर, बाकानेर स्थित सात मात्रा देवीजी मंदिर और बालीपुर स्थित अंबिका आश्रम में देवी आराधना के लिए श्रद्धालु पहुंचेंगे। इन स्थानों पर पूजा-अर्चना, भजन और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भक्तिमय वातावरण रहेगा।
बालीपुर धाम की आध्यात्मिक परंपरा क्षेत्र के श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करती है। नवरात्रि के दौरान मां शक्ति की आराधना के साथ साधना और भक्ति का वातावरण श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा। मनावर से आसपास के धार्मिक स्थलों तक फैली यह आस्था की परंपरा नवरात्रि को सामूहिक श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का पर्व बनाती है।
*मंदिरों में आरती, गरबा पांडालों में माता की भक्ति*
नवरात्रि को लेकर नगर में तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। विभिन्न स्थानों पर गरबा पांडाल सजाए जा रहे हैं। विद्युत सज्जा, आकर्षक साज-सज्जा और धार्मिक आयोजन की तैयारियों के बीच युवाओं, महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
शाम ढलते ही गरबा पांडालों में मां भगवती की आराधना के साथ पारंपरिक गरबों की धूम रहेगी। मां की भक्ति में झूमते श्रद्धालु, माता के जयकारे और भजनों की स्वर लहरियां नवरात्रि की रौनक बढ़ाएंगी। मंदिरों में सुबह-शाम आरती और दर्शन का क्रम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और भक्ति से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
*आस्था, संस्कृति और शक्ति उपासना का पर्व*
मनावर की धार्मिक पहचान मां नर्मदा की पावन धारा, मान नदी के तट और क्षेत्र की आध्यात्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी है। यहां नवरात्रि का पर्व देवी आराधना के साथ सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक श्रद्धा का संदेश भी देता है।
घट स्थापना से शुरू होने वाला नौ दिवसीय पर्व श्रद्धालुओं को शक्ति, सद्भाव और सकारात्मकता का संकल्प लेने की प्रेरणा देगा। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना के बीच मनावर का मंदिर परिसर, घर-आंगन और गरबा पांडाल भक्ति के रंग में रंगेंगे। हर ओर गूंजेगा मां का जयघोष—जय माता दी!
