हमीरपुर। जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की हकीकत परखने के लिए अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजय सिंह ने कुरारा विकासखंड के परसी का डेरा (ग्राम पंचायत शंकरपुर) एवं ग्राम मिश्रीपुर में संचालित कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मिश्रीपुर से ददरी गांव के लिए बिछाई गई मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त मिलने पर एडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के दौरान सामने आया कि मिश्रीपुर निवासी अरविंद सिंह एवं सरनाम सिंह, पुत्रगण राम प्रसाद द्वारा सड़क किनारे स्थित सरकारी भूमि की झाड़ियों की सफाई कर उसे अपने खेत में मिला लिया गया था।
इसी भूमि पर जेसीबी से कार्य कराए जाने के दौरान जल जीवन मिशन की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन में बड़ा छेद होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई।
एडीएम ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और सरकारी पेयजल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में अरविंद सिंह व सरनाम सिंह के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित उप जिलाधिकारी को सरकारी भूमि की जांच कर कब्जा हटाने सहित नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सुरक्षा उपकरणों के बिना काम करते मिले श्रमिक
निरीक्षण के दौरान जल जीवन मिशन की पाइपलाइन बिछाने के कार्य में लगे श्रमिक भी बिना हेलमेट, गमबूट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के काम करते पाए गए। इस पर अपर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था आईटी वर्ल्ड इंटरनेशनल के सुपरवाइजर को कड़ी फटकार लगाते हुए श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
एडीएम ने मौके से ही कंपनी के उच्च अधिकारी अभिषेक पांडे से वार्ता कर सभी श्रमिकों को आवश्यक पीपीई किट और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने को कहा। कंपनी की ओर से दो दिवस के भीतर सभी श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की प्राथमिकता वाली योजना है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या निर्माण कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
