
संदेशखाली में तनाव को लेकर हालात गंभीर हैं. पूरा इलाका सुलग रहा है. पीड़ित महिलाएं इंसाफ मांग रही हैं और पुलिस ने संदेशखाली में पहरा बैठा रखा है. बंगाल के कोने-कोने में बीजेपी सड़क पर उतर रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ गुस्सा है. पीड़ितों द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वो बेहद संगीन हैं.अब सवाल उठता है कि आखिर ये संदेशखाली कांड है क्या और इसका खलनायक कौन है, जिसके गिरफ्तारी की लगातार मांग हो रही है. दरअसल, संदेशखाली बवाल की असल वजह है टीएमसी नेता शाहजहां शेख. शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर गरीबों की जमीन हड़पने और महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोप हैं.
संदेशखाली में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले शेख को ममता सरकार अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है. Chief Minister ममता बनर्जी की चुप्पी दिखाती है कि वह किस तरह से अपराधियों के साथ खड़ी हैं.
चटर्जी ने कहा कि पीड़ित महिलाओं की First Information Report तक नहीं लिखी जा रही है. उन्हें धमकियां मिल रही हैं. शेख और उनके लोग महिलाओं पर अत्याचार कर रहे थे और रात को फोन कर उन्हें बुलाते थे. महिलाओं के मना करने पर उन्हें उनके बच्चों और पति को मारने की धमकी दी जाती थी. Kolkata से 35 किमी दूर संदेशखाली में शेख शाहजहां और उसके माफिया दोस्त माफियाराज चलाते हैं. वहां के लोग बहुत समय से उनके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई,उल्लेखनीय है कि West Bengal के संदेशखाली की कुछ हिन्दू महिलाओं ने टीएमसी नेता शाहजहां शेख पर बलात्कार व जमीन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था. उसके बाद विपक्षी दलों ने महिलाओं के समर्थन में आवाज उठाई और शेख को गिरफ्तार करने की मांग की है!