मंदिर विमल बिहारी में सामूहिक ऋषि पंचमी उद्यापन का आयोजन हुआ

 

 

रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649

कामां –डीग जिले के कस्वा कामां में मन्दिर विमल बिहारी में सामूहिक ऋषि पंचमी उद्यापन का आयोजन किया ! जिसमें नगर के साथ-साथ बाहर से आयी महिलाओं को सामूहिक रूप से ऋषि पंचमी उद्यापन में पूजा अर्चना की तथा सप्त ऋषि व देवी अरुंधति की प्रतिमा स्थापित की गयी।
कार्यक्रम में मन्दिर विमल बिहारी क़े सेवाअधिकारी ने कहा कि ऋषि पंचमी उद्यापन का विशेष महत्व होता है, भादो माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी के रूप में मनाया जाता है। ऋषि पंचमी व्रत को धारण करने से स्त्री का सारा पाप नष्ट हो जाता है और अगले जन्म में उसे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ऋषि पंचमी का उद्यापन करके ही व्रत को समाप्त करना चाहिए। लगातार 7 वर्षों तक ऋषि पंचमी के दिन व्रत रखने के साथ आठवें वर्ष में ऋषि पंचमी का उद्यापन किया जाता है।
ऋषि पंचमी उद्यापन में आठवीं वर्ष अपनी श्रद्धा अनुसार सात सोने की मूर्तियां, सात गो दान एवं सात ब्राह्मण को भोजन कराने का प्रावधान है, 45 ब्राह्मणों को भोजन कराने के पश्चात सप्त ऋषियों की प्रतिमाओं का विसर्जन करना चाहिए, उद्यापन की विधि संपन्न होने के पश्चात गाय को अनिवार्य रूप से भोजन कराना चाहिए क्योंकि गाय में सभी देवी देवताओं का वास होता है। मन्दिर विमल बिहारी में प्रतिदिन कीर्तन भजन किया गया। आचार्य पण्डित पवन पाराशर रहे।

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