संवाददाता निलेश कलसकर अखंड भारत न्यूज़ पांढुरना
पांढुरना, 9 अक्टूबर 2026। आज पांढुरना कलेक्ट्रेट में दो अलग-अलग ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपे गए। पहला ज्ञापन गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने दिया और दूसरा ज्ञापन जिले के आदिवासी किसानों ने दिया।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अपना ज्ञापन भारत के राष्ट्रपति के नाम दिया है। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से भेजा गया है। पार्टी ने ज्ञापन में कहा है कि इन दिनों देश में वोटर लिस्ट के SIR के काम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और वोट चोरी के आरोप भी लग रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इससे वोटर लिस्ट की सही जानकारी और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा हो रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने SIR के दौरान कई सही मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए हैं और इससे लोगों का वोट देने का अधिकार छिन रहा है। पार्टी को लगता है कि यह काम किसी एक दल को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। इसलिए पार्टी ने मांग की है कि वोटर लिस्ट और SIR की पूरी निष्पक्ष जांच कराई जाए, मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका की जांच हो और अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें पद से हटाया जाए, साथ ही चुनाव आयोग अपना पूरा काम साफ तरीके से जनता के सामने रखे।
वहीं दूसरी तरफ जिले के आठ गांवों लेंढगोंदी, कामरीटोला, मरकावाड़ा, ढोलखापा रेंगा, सिल्लेवानी, निकल्द, डुडेेवानी और माजबोपानी के आदिवासी किसानों ने भी अपनी जमीन के लिए ज्ञापन दिया। किसानों ने बताया कि वे पिछले पचास से साठ सालों से अपनी जमीन पर खेती कर रहे हैं और इसी से उनके परिवार का गुजारा चलता है। लेकिन आज तक उन्हें उस जमीन का कोई पट्टा नहीं मिला है। उन्हें यह भी ठीक से पता नहीं है कि उनकी जमीन राजस्व विभाग की है या वन विभाग की है, इसी कारण उनका पट्टा नहीं बन पा रहा है। किसानों ने कहा कि वे आदिवासी हैं और वन अधिकार कानून दो हजार छह के तहत उन्हें पट्टा मिलने का पूरा हक है। उन्होंने कलेक्टर से निवेदन किया है कि उनकी जमीन की जांच कराकर उन्हें जल्द से जल्द पट्टा दिया जाए।
